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जजों के कामकाज से तय होगी सुप्रीम कोर्ट की विश्वसनीयता: सीजेआई रंजन गोगोई

एक पीआईएल पर सुनवाई करते करते हुए सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा है कि शीर्ष अदालत की विश्वसनीयता यहां काम करने वाले लोगों से तय होती है.

Updated On: Dec 06, 2018 03:11 PM IST

FP Staff

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जजों के कामकाज से तय होगी सुप्रीम कोर्ट की विश्वसनीयता: सीजेआई रंजन गोगोई

सुप्रीम कोर्ट की विश्वसनीयता को लेकर हाल के दिनों में बहस छिड़ी हुई है. इस मामले पर मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने अपनी राय रखते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की विश्वसनीयता मीडिया रिपोर्ट्स से तय नहीं की जा सकती है.

एक पीआईएल पर सुनवाई करते करते हुए सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा है कि शीर्ष अदालत की विश्वसनीयता यहां काम करने वाले जजों से तय होती है. किसी मीडिया रिपोर्ट्स से इसे तय नहीं किया जा सकता है. दरअसल वकील के जरिए कोर्ट की विश्वसनीयता का हवाला देकर पीआईएल पर जल्द सुनवाई करने की अपील की गई थी. जिस पर सीजेआई ने ये बात कही. सीजेआई के कहा 'पीआईएल फाइल करके आपका काम हो चुका है. अब हमें काम करने दीजिए. कोर्ट की विश्वसनीयता के बारे में हमें न बताएं.'

दरअसल, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से जस्टिस कुरियन जोसेफ रिटायर हुए थे. जिसके बाद उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि सीजेआई को कोई कंट्रोल कर रहा था, जिसके कारण सुप्रीम कोर्ट के चार जजों के जरिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई थी. उनका कहना था कि सुप्रीम कोर्ट की विश्वसनीयत और लोकतंत्र की रक्षा के लिए ऐसा करना जरूरी हो गया था.

12 जनवरी 2018 को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस कुरियन जोसेफ, जस्टिस जे चेलमेश्वर, जस्टिस लोकुर और जस्टिस रंजन गोगोई के जरिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई थी. उस दौरान चारों जजों ने तत्कालीन सीजेआई दीपक मिश्रा पर सवाल उठाए थे और कहा था कि सुप्रीम कोर्ट की आजादी को खतरा है.

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