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स्वामी अग्निवेश का आरोप- 'सुनियोजित था मेरे ऊपर हुआ हमला'

स्वामी ने कहा, 'मुझे समझ में नहीं आया कि आखिर ये हमला क्यों हुआ? हमलावरों ने लात-घूसों से मारकर मुझे घायल कर दिया.'

Updated On: Jul 18, 2018 10:24 PM IST

FP Staff

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स्वामी अग्निवेश का आरोप- 'सुनियोजित था मेरे ऊपर हुआ हमला'

पाकुड़ में अपने ऊपर हुए हमले को लेकर स्वामी अग्निवेश ने न्यूज-18 से खास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने घटना की तफसील से जानकारी दी और इसे फासिज्म का रूप करार दिया. अग्निवेश के मुताबिक, उनके ऊपर हुआ हमला सुनियोजित था.

हमले की जानकारी देते हुए स्वामी ने कहा कि मैं आदिवासियों के एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पाकुड़ गया था. जल, जंगल और जमीन के मुद्दे पर लिट्टीपाड़ा में सभा को संबोधित करना था. लेकिन जैसे ही होटल से बाहर निकला, हमला हो गया.

स्वामी ने कहा, 'मुझे समझ में नहीं आया कि आखिर ये हमला क्यों हुआ? हमलावरों ने लात-घूसों से मारकर मुझे घायल कर दिया. वे लोग 'गोमांस का समर्थन करने वाले भारत छोड़ो' का नारा लगा रहे थे. मैंने तो कभी गोमांस का समर्थन नहीं किया.'

स्वामी ने कहा कि मैंने सीएम को 12 दिन पहले चिट्ठी लिखकर आदिवासी के मुद्दे पर पाकुड़ जाने की जानकारी दी थी और आग्रह किया था कि जाने से पहले उनसे विमर्श करूं. सीएम ने समय नहीं दिया. मैं 16 जुलाई को पाकुड़ पहुंचा. मुझे हमले का थोड़ा सा भी अंदेशा नहीं था.

अग्निवेश ने कहा, 'मैंने कभी किसी की धार्मिक भावना के साथ खिलवाड़ नहीं किया. अगर किसी को कोई परेशानी थी, तो मैं बात करने के लिए तैयार था. भीड़ बनकर हमला करना और जान से मारने की कोशिश करना, कौन सा तरीका है? ऐसे में कभी कोई समाधान नहीं होगा.'

हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मैं हाथ जोड़कर पूछ रहा था कि क्या बात है, क्यों नाराज हैं, लेकिन उन लोगों ने सुना नहीं, हमला कर दिया. पुलिस और प्रशासन सब को मेरे पाकुड़ कार्यक्रम की सूचना दी गई थी. लेकिन हमले के आधे घंटे बाद भी पुलिस का कोई जवान मौके पर नहीं पहुंचा. मैंने चीफ सेक्रेटरी से बात की, जिसके बाद एसपी और डीसी मौके पर पहुंचे.

स्वामी ने कहा यह पूरी तरह से सुनियोजित हमला था. उन लोगों को बातचीत में कोई दिलचस्पी नहीं थी. यह फासिज्म का रूप है. घंटाभर पहले से लोग जमा हो रहे थे, तो पुलिस को मौके पर होनी चाहिए थी.

उन्होंने कहा कि मैं इस हमले से डरने वाला नहीं हूं. आगे भी पाकुड़ जाकर कार्यक्रम करूंगा. फासीज्म के लिए हमें आवाज को बुंलद करना पड़ेगा. प्रजातांत्रिक ताकतों को एकजुट होना पड़ेगा.

(न्यूज़18 के लिए राजेश तोमर की रिपोर्ट)

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