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रामनवमी हिंसा पर बोली ममता- क्या राम ने तलवार-त्रिशूल के साथ जुलूस निकालने को कहा था?

पश्चिम बंगाल में लगातार दूसरे दिन भी रामनवमी जुलूस को लेकर हिंसा और झड़प हुई है. इसमें 1 शख्स की मौत हो गई है वहीं कई पुलिसवाले भी घायल हुए हैं

FP Staff Updated On: Mar 27, 2018 10:14 AM IST

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रामनवमी हिंसा पर बोली ममता- क्या राम ने तलवार-त्रिशूल के साथ जुलूस निकालने को कहा था?

रामनवमी पर जुलूस निकालने को लेकर पश्चिम बंगाल में लगातार दूसरे दिन भी हिंसा की घटनाएं हुईं. इसके चलते यहा स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. राज्य के बर्द्धमान और मुर्शिदाबाद जिले में भगवा संगठनों के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच सोमवर को झड़प हुई. इस दौरान फेंके गए एक बम से एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को अपना एक हाथ गंवाना पड़ा है. उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

रामनवमी पर जुलूस के दौरान पुरुलिया में सोमवार को दो समूहों के बीच झड़प में एक युवक की मौत हो गई जबकि 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस के अनुसार बीजेपी समर्थकों ने रविवार को रामनवमी पर कई जगहों पर सरकारी प्रतिबंध की अनदेखी करते हुए हथियारों के साथ रैली निकाली.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुलिस को रामनवमी पर जुलूस के दौरान तलवार, त्रिशूल और अन्य हथियार लेकर शामिल हुए लोगों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा, ‘कानून अपना काम करेगा. मैं इसे बर्दाश्त नहीं करूंगी. अगर पुलिस कार्रवाई करने में विफल रहती है तो उसके खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा.'

ममता ने कहा, 'भगवान राम ने क्या किसी से तलवार और त्रिशूल के साथ रैली करने को कहा था? क्या हम राज्य प्रशासन और कानून-व्यवस्था को इन गुंडों के हाथों में छोड़ सकते हैं, राम को कौन बदनाम कर रहा है? मैं डीजीपी और सभी एसपी (पुलिस अधीक्षक) को इस तरह की रैली आयोजित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दे रही हूं. किसी को भी नहीं बख्शा जाना चाहिए.'

हिंसा और झड़प की प्रतीकात्मक तस्वीर

हिंसा और झड़प की प्रतीकात्मक तस्वीर

रामनवमी जुलूस में दो गुटों में झड़प में 10 लोग घायल

मुर्शिदाबाद के कंडी इलाके में सोमवार को उस वक्त संघर्ष हुआ जब रामनवमी की रैली में हिस्सा लेने वाले, कथित तौर पर तलवार और त्रिशूल से लैस लोगों ने थाना में घुसने का प्रयास किया. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कम से 10 लोग घायल हुए जब रामनवमी उत्सव समिति के सदस्यों की इलाके में जुलूस के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ झड़प हो गई.

एएसपी (सदर) अनीश सरकार ने बताया कि समिति में बीजेपी और वीएचपी के कार्यकर्ता शामिल थे. उन्होंने कंडी बस स्टैंड से राधाबल्लभ मंदिर तक सुबह लगभग साढ़े 11 बजे जुलूस निकाला था. उन्होंने बताया, ‘दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई क्योंकि रैली में हिस्सा ले रहे कुछ लोगों ने थाना और उसके बाहर खड़ी गाड़ियों पर पथराव किया. पुलिस को प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा’

बीजेपी नेता सुभाष मंडल ने हंगामे के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के स्थानीय सदस्यों को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने आरोप लगाया, 'हंगामा करने के लिए टीएमसी के अज्ञात उपद्रवी रैली में शामिल हो गए. यह यहां लोगों के समक्ष हमारी छवि को बर्बाद करने का प्रयास था.' मंडल के आरोपों से इनकार करते हुए टीएमसी विधायक अपूरबो सरकार ने आरोप लगाया कि बीजेपी और वीएचपी इलाके में शांति भंग करने का प्रयास कर रही हैं. उन्होंने दावा किया कि घटना से सत्तारूढ़ पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है.

बर्द्धमान में जुलूस के दौरान भिड़े दो समुदायों के गुट

पश्चिमी बर्द्धमान जिले के रानीगंज में एक रैली के दौरान दो समूहों ने एक-दूसरे पर हमला किया. इस घटना में दो पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि रामनवमी जुलूस ने कथित तौर पर उस इलाके में घुसने का प्रयास किया जहां अल्पसंख्यक समुदाय के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं.

उन्होंने बताया कि पुलिस के हस्तक्षेप का प्रयास करने के बावजूद दो समुदाय के सदस्यों के बीच झड़प हुई. इस संघर्ष के दौरान इलाके में एक मंदिर पर भी हमला किया गया.

सीपीएम की पश्चिम बंगाल इकाई के सचिव सूर्यकांत मिश्रा ने सत्तारूढ़ तृणमूल और बीजेपी की रामनवमी पर सशस्त्र रैली निकाले जाने की आलोचना की है. सीपीएम ने तृणमूल कांग्रेस से राज्य के हालात को देखते हुए एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है.

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