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आम आदमी की भाषा में आए अदालतों के फैसले: राष्ट्रपति

राष्ट्रपति कोविंद ने कहा मामलों के जल्द निस्तारण को सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र बनाए जाने की जरूरत है

Updated On: Oct 28, 2017 06:39 PM IST

Bhasha

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आम आदमी की भाषा में आए अदालतों के फैसले: राष्ट्रपति

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि अदालती फैसले क्षेत्रीय भाषाओं में आने चाहिए ताकि आम आदमी को भी वह समझ में आए. निर्णयों की प्रमाणित अनुवादित प्रतियां जारी करने के लिए एक व्यवस्था बनाए जाने की भी जरूरत है.

शनिवार को वो केरल हाईकोर्ट के हीरक जयंती समारोह के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इस अवसर पर राष्ट्रपति ने मामलों को तेजी से निपटाने की भी वकालत की. उनका कहना था कि न्याय में देरी होने से समाज में ‘सबसे गरीब और सबसे वंचित’ पीड़ित हो रहे है. यह देश के लिए चिंता का विषय है.

राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, ‘हमारे देश में निर्णय देने में विलंब होना चिंता की बात है. हमारे समाज में सबसे गरीब और सबसे वंचित लोग न्याय में देरी के पीड़ितों में शामिल है. हमें मामलों के जल्द निस्तारण को सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र बनाए जाने की जरूरत है.’

इस कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और कई न्यायाधीश भी शामिल थे.

राष्ट्रपति ने कहा, ‘अदालत की कार्यवाही को लंबा खींचने की रणनीति के बजाए हम सभी उस दृष्टिकोण पर विचार कर सकते हैं जिसमें एक आपात स्थिति में स्थगन को अपवाद बनाया जा सके.’

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