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मुस्लिमों को अयोध्या भूमि हिंदुओं को तोहफे में दे देनी चाहिए: श्री श्री

श्री श्री ने कहा कि अगर मुस्लिम समुदाय को इस विवाद से कोई फायदा नहीं मिल रहा, तो उन्हें हिंदुओं को ये जमीन तोहफे में दे देना चाहिए

Updated On: Mar 14, 2018 04:17 PM IST

FP Staff

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मुस्लिमों को अयोध्या भूमि हिंदुओं को तोहफे में दे देनी चाहिए: श्री श्री

आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक, आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने अयोध्या विवाद पर नया हल पेश किया है. उनका कहना है कि राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद को हल करने के लिए मुस्लिम समुदाय को ये जमीन हिंदूओं को तोहफे में दे देना चाहिए. श्री श्री रविशंकर इसके पहले इस विवाद में मध्यस्थता भी कर चुके हैं.

इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, श्री श्री ने कहा, 'चूंकि ये भगवान राम की जन्मभूमि है, इस जगह से लोगों की इतनी गहरी भावना जुड़ी हुई है. वहीं मुस्लिमों के लिए इस जगह का कोई खास महत्व नहीं और जो जगह विवादित हो, वहां नमाज मंजूर नहीं होती. इससे किसी भी समुदाय को कोई फायदा नहीं हो रहा है और अगर मुस्लिम समुदाय को इससे कोई फायदा नहीं मिल रहा, तो उन्हें हिंदुओं को ये जमीन तोहफे में दे देना चाहिए.'

उन्होंने कहा, 'सु्प्रीम कोर्ट अगर मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाती है तो एक पक्ष को दुख होगा, अगर मस्जिद के पक्ष में फैसला आता है, तो दूसरे पक्ष को खुशी नहीं होगी. दोनों ही सूरत में समाज में अशांति होगी. इसलिए मैं चाहता हूं कि बीच का रास्ता निकाला जाए. ऐसा फैसला हो, जिसमें दोनों ही समुदाय साथ आएं और दोनों का सम्मान रहे. हम यही फॉर्मूला बढ़ा रहे हैं, क्यों न इसपर अमल किया जाए.'

श्री श्री ने कहा कि उन्हें लगता है कि जल्द ही समझौता कोर्ट के बाहर हो जाएगा क्योंकि दोनों पक्षों के लोग इस पर बात कर रहे हैं.

श्री श्री रविशंकर ने पिछले नवंबर में मुस्लिम समुदाय के शिया और सुन्नी दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों से मिले थे. उन्होंने कहा था कि उनकी इस कोशिश में सरकार का कोई रोल नहीं है और वो अपनी तरफ से ये पहल कर रहे हैं.

उनके इस कदम को विवादों में घसीटा गया था. उनके इस दौरे से बीजेपी के पूर्व सांसद राम विलास वेदांती ने आपत्ति जताई थी. वेदांती ने कहा था कि 'मध्यस्थता कराने वाले श्री श्री रवि शंकर होते कौन हैं? उन्हें अपना एनजीओ चलाते रहना चाहिए और विदेशी फंड जुटाना चाहिए. मुझे लगता है उन्होंने काफी संपत्ति जोड़ ली है और जांच से बचने के लिए वो राम मंदिर विवाद में कूद पड़े हैं.'

उन्होंने ये भी कहा था कि राम मंदिर मुद्दे पर सुलह समझौता तभी होगा, जब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और रामजन्मभूमि न्यास चाहेगा.

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