S M L

कर्नाटक के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ जेठमलानी भी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

जेठमलानी का कहना है कि कर्नाटक के राज्यपाल ने जो कदम उठाया, वह सांविधानिक अधिकार का दुरुपयोग है

FP Staff Updated On: May 19, 2018 04:29 PM IST

0
कर्नाटक के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ जेठमलानी भी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए बीजेपी नेता येदियुरप्पा को बुलाने के राज्यपाल के फैसले को अब वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. जेठमलानी का कहना है कि यह सांविधानिक अधिकार का दुरुपयोग है.

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस धनंजय वाई चंद्रचूड़ की तीन सदस्यों वाली बेंच ने गुरुवार को राम जेठमलानी की दलीलें सुनी. पीठ ने कहा कि गुरुवार सवेरे तक इस मामले पर सुनवाई की है और अब यह बेंच शुक्रवार को फिर सुनवाई करेगी.

बेंच ने जेठमलानी से कहा कि वह जस्टिस एके सीकरी की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने 18 मई को अपनी दलीलें रख सकते हैं जब कांगेस पाटी की याचिका पर आगे सुनवाई होगी. जेठमलानी ने इस मामले मे अपना पक्ष पेश करने की इजाजत मांगते हुए कहा कि राज्यपाल का आदेश सांविधानिक अधिकार का घोर दुरुपयोग है. उन्होंने कहा कि वह किसी पार्टी के पक्ष या विरोध में नहीं आए हैं बल्कि वह राज्यपाल के इस असंवैधानिक फैसले से दुखी हुए हैं.

जस्टिस एके सीकरी, जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस अशोक भूषण की विशेष बेंच ने गुरुवार तड़के करीब तीन घंटे तक कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई के बाद येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद की शपथ पर रोक लगाने से इनकार कर दिया.

कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी के पास सिर्फ 104 विधायक होने के बावजूद राज्यपाल ने असंवैधानिक तरीके से येदियुरप्पा को सरकार बनाने के लिए बुलाया है जबकि जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी की अगुआई वाली जेडीएस और कांग्रेस गठबंधन के पास 116 विधायक हैं. कर्नाटक विधान सभा के 12 मई को हुए चुनाव में बीजेपी 104 सदस्यों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है जबकि कांग्रेस के पास 78 और जेडीएस के 37 विधायक हैं.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
SACRED GAMES: Anurag Kashyap और Nawazuddin Siddiqui से खास बातचीत

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi