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अर्धसैनिक बलों के हर एक शहीद के परिजनों को मिलेगा 1 करोड़ रुपए मुआवजा

गृह मंत्री ने कहा कि राष्ट्र अपने अर्धसैनिक जवानों के त्याग की सराहना करता है

Updated On: May 21, 2017 08:50 AM IST

Bhasha

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अर्धसैनिक बलों के हर एक शहीद के परिजनों को मिलेगा 1 करोड़ रुपए मुआवजा

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को घोषणा की कि शहीद होने वाले अर्धसैनिक बल के हर एक जवान को एक-एक करोड़ रुपए मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे. इसके साथ ही राजनाथ सिंह ने ऐलान किया कि अर्धसैनिक बल के कांस्टेबलों के 34 हजार पदों को हेड कांस्टेबल के तौर पर अपग्रेड किया गया है.

राजनाथ सिंह शनिवार को सिक्कम के शेराथांग सीमा चौकी में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, आईटीबीपी बल के सैनिक सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे, जहां उन्होंने ये ऐलान किया. सम्मेलन को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि राष्ट्र अपने अर्धसैनिक जवानों के त्याग की सराहना करता है और उन्हें जवानों पर गर्व है.

बता दें कि अर्धसैनिक बल देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में नक्सलियों, जबकि जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों का मुकाबला करते रहे हैं. इसके अलावा, वो दुर्गम इलाकों में सीमा की रक्षा भी करते हैं.

राजनाथ सिंह ने कहा, 'हमारे जवानों के बलिदान की भरपाई धन से नहीं की जा सकती. लेकिन शहीदों के परिवारों को किसी तरह की मुश्किल नहीं आनी चाहिए. लिहाजा, मैं सुनिश्चित करूंगा कि अर्धसैनिक बल के हर एक जवान को मुआवज़े के तौर पर कम से कम एक करोड़ रुपए मिलें.'

छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों के हमले में सीआरपीएफ के 25 जवानों के शहीद होने की घटना के करीब एक महीने बाद गृह मंत्री ने ये घोषणा की है.

इससे पहले, गृह मंत्री ने यहां भारत-चीन सीमा चौकी का दौरा किया और सुरक्षा हालात की समीक्षा की. गृह मंत्री ने कहा कि अर्धसैनिक बलों के जवानों के कल्याण के लिए काफी कुछ किया गया है, लेकिन आने वाले दिनों में काफी कुछ किए जाने की ज़रूरत है.

राजनाथ ने आईटीबीपी जवानों से कहा कि वे गृह मंत्रालय की ओर से हाल में शुरू किए गए मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर अपनी शिकायतें दर्ज़ कराएं ताकि मंत्रालय उनका समाधान कर सके. गृह मंत्री ने ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात जवानों के भत्तों में समानता लाने की आईटीबीपी की मांग पर विचार करने का भी आश्वासन दिया.

भारत-चीन सीमा की कुल लंबाई 3,488 किलोमीटर है, जिसमें 1,597 किलोमीटर जम्मू-कश्मीर, 200 किलोमीटर हिमाचल प्रदेश, 345 किलोमीटर उत्तराखंड, 220 किलोमीटर सिक्किम और 1,126 किलोमीटर अरूणाचल प्रदेश में है.

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