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राजस्थान में स्वाइन फ्लू ने बरपाया कहर, 75 लोगों की मौत

स्वाइन फ्लू का खतरा अधिकतर ठंड और बरसात में रहता है क्योंकि ये बीमारी नमी के चलते तेजी से फैलती है

Updated On: Jan 28, 2019 08:35 PM IST

FP Staff

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राजस्थान में स्वाइन फ्लू ने बरपाया कहर, 75 लोगों की मौत

राजस्थान में स्वाइन फ्लू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. राज्य में स्वाइन फ्लू से अब तक 75 लोगों की मौत हो चुकी है और 1911 मामले स्वाइन फ्लू पॉजिटिव हैं.

ताजा आंकड़े एक जनवरी से 28 जनवरी के बीच के हैं. गौरतलब है कि स्वाइन फ्लू एक संक्रामक बीमारी है, जो काफी तेजी और आसानी से फैलती है लेकिन इसका इलाज संभव है. अगर बीमारी के दौरान और बाद में कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो इसको गंभीर होने से बचाया जा सकता है.

दरअसल ये एक संक्रमण है, जो इंफ्लूएंजा ए वायरस के कारण फैलता है. ये वायरस सुअरों में पाया जाता है. इंसानों में ये संक्रामक बीमारी काफी तेजी से फैलती है. अगर सावधानी न बरती जाए, तो ये काफी गंभीर भी हो सकती है. स्वाइन फ्लू का खतरा अधिकतर ठंड और बरसात में रहता है क्योंकि ये बीमारी नमी के चलते तेजी से फैलती है.

स्वाइन के साथ सबसे बड़ी समस्या ये है कि इसके लक्षण पहली नजर में सामान्य सर्दी-जुकाम लगने जैसे होते हैं. इसमें तेज बुखार, जुकाम, छींक जैसी स्थिति होती है. लेकिन परेशानी ज्यादा बढ़ने पर उल्टी-दस्त भी लग सकते हैं. साथ ही मरीज के मांसपेशियों में दर्द, जकड़न, सिर और गले में दर्द की शिकायत रहती है. भूख नहीं लगती और अनिद्रा की समस्या पैदा हो जाती है.

स्वाइन फ्लू की समस्या लगने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं. हालांकि, अभी तक स्वाइन की वैक्सीन नहीं बनी है, लेकिन इसमें एंटीवायरल दवाइयां काफी मदद करती हैं. इसमें लक्षण दिखाई देने के दो दिनों के भीतर एंटीवायरल दवाइयां ले लेनी चाहिए. इसका अच्छा उपचार डॉक्टर के दिशा-निर्देश में इलाज करवाना ही है.

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