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रेलवे की बड़ी चूक, जारी कर दिए एलफिंस्टन भगदड़ में घायल हुए लोगों के आधार नंबर

पिछले साल हुए एलफिंस्टन ब्रिज हादसे में घायल हुए लोगों के आधार नंबर, फोन नंबर और पता को रेलवे ने सार्वजनिक तौर पर साझा कर दिया है

FP Staff Updated On: Apr 05, 2018 12:13 PM IST

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रेलवे की बड़ी चूक, जारी कर दिए एलफिंस्टन भगदड़ में घायल हुए लोगों के आधार नंबर

पश्चिम रेलवे के मुंबई मंडल ने सितंबर 2017 में हुए एलफिंस्टन ब्रिज हादसे में घायल हुए लोगों के आधार नंबर, पता और मोबाइल नंबर सार्वजनिक तौर पर प्रकाशित कर दिया है. एक आरटीआई के जवाब में रेलवे ने ये जानकारियां साझा की हैं.

आधार एक्ट 2016 के मुताबिक, इस तरीके से आधार नंबर को प्रकाशित करना अपराध की श्रेणी में आता है. निजता की पैरवी करने वाले लोगों को कहना है कि इस तरह से निजी जानकारियों जैसे कि आधार नंबर और फोन नंबर को सार्वजनिक तौर पर साझा करना साइबर क्राइम को बुलावा देने जैसा है.

जहां पर सरकार ने आदेश दिया है कि आप अपने आधार को बैंक अकाउंट, फोन नंबर और तमाम सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ लें. ऐसे में अगर कोई सरकारी संस्थान ही आधार नंबर साझा कर दे तो इन जानकारियों को सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाएगा.

इस मामले पर अब तक यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) की तरफ से कोई बयान नहीं आया है.

हफिंगटन पोस्ट की खबर के मुताबिक, रिपोर्टर ने मुंबई के एलफिंस्टन स्टेशन पर हुए भगदड़ में घायल हुए लोगों को मिले मुआवजे के लिए आरटीआई के जरिए सबूत मांगा था. रिपोर्टर ने रेलवे से आधार नंबर या किसी भी संवेशनशील जानकारी को नहीं मांगा था लेकिन रेलवे ने आधार जैसी संवेदनशील जानकारी भी साझा कर दी.

यूआईडीएआई के सीईओ ने हाल ही ट्वीट कर कहा था कि जो सरकारी एजेंसियां लोगों के आधार नंबर को एकत्रित करती हैं वो इसे गोपनीय रखे और साझा न करें, लेकिन रेलवे के इस रवैये लगता है कि उन्हें इन बातों का कोई असर नहीं पड़ा है.

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