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उत्तर भारतीयों पर गुजरात में हमला: राहुल ने कहा- GST और नोटबंदी है इसकी वजह

राहुल ने कहा, रोजगार सृजन की सरकार की अक्षमता के कारण युवाओं में हताशा और गुस्सा बढ़ रहा है. यही गुस्सा और हताशा पूरे गुजरात में प्रवासियों पर हिंसक हमलों में प्रकट हो रहा है

Updated On: Oct 09, 2018 12:39 PM IST

FP Staff

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उत्तर भारतीयों पर गुजरात में हमला: राहुल ने कहा- GST और नोटबंदी है इसकी वजह

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हुए हमलों की पृष्ठभूमि में मंगलवार को केंद्र और गुजरात सरकार की नीतियों की जमकर आलोचना की और कहा कि प्रत्येक भारतीय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ता से कार्रवाई की जाए. उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में कारखानों के बंद होने से बड़े पैमाने पर बेरोजगारी है और इस वजह से युवाओं के बीच हताशा और गुस्सा बढ़ रहा है.

राहुल गांधी ने फेसबुक पोस्ट में कहा, 'समूचे गुजरात में खराब आर्थिक नीतियों, नोटबंदी और जीएसटी को सही ढंग से लागू नहीं करने की वजह से उद्योग तबाह हो गए हैं. नतीजा यह हुआ है कि कारखाने और औद्योगिक इकाइयां बंद हो गई हैं जिससे बड़े पैमाने पर बेरोजगारी पैदा हो गई है.'

उन्होंने कहा, 'रोजगार सृजन की सरकार की अक्षमता के कारण युवाओं में हताशा और गुस्सा बढ़ रहा है. यही गुस्सा और हताशा पूरे गुजरात में प्रवासियों पर हिंसक हमलों में प्रकट हो रहा है.'

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'प्रवासी कामगार हमारी आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण हैं. उन पर हमले भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करते हैं जो कारोबार और हमारी अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा नहीं है.' उन्होंने कहा, 'सरकार दृढ़ता से कार्रवाई करे और शांति बहाल करने और हर भारतीय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वह हर संभव प्रयास करे.’

इससे पहले सोमवार को राहुल ने ट्वीट करते हुए इन घटनाओं को गलत बताया. उन्होंने कहा, 'गरीबी से बड़ी कोई दहशत नहीं है. गुजरात में हो रहे हिंसा की जड़ वहां के बंद पड़े कारखाने और बेरोज़गारी है. व्यवस्था और अर्थव्यवस्था दोनो चरमरा रही है.  प्रवासी श्रमिकों को इसका निशाना बनाना पूर्णत गलत है. मैं पूरी तरह से इसके खिलाफ खड़ा रहूंगा.'

गत 28 सितंबर को गुजरात के साबरकांठा जिले में 14 महीने की एक बच्ची के साथ कथित बलात्कार के बाद छह जिलों में हिंदी भाषी लोगों पर हमलों की कई घटनाएं हुई हैं. राज्य सरकार का कहना है कि हिंसा की घटनाओं के सिलसिले में 400 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है. बलात्कार के मामले में बिहार के एक प्रवासी श्रमिक को गिरफ्तार किए जाने के बाद हिंसा की शुरुआत हुई थी.

(इनपुट भाषा से)

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