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रफिया नाजः कट्टरपंथियों की धमकी से बेपरवाह योग का सेक्युलर चेहरा

रफिया कहती है टीवी पर आनेवाले मौलाना गाली देते हैं, वहीं घर आनेवाले मौलाना शेर-ए-हिंद कहते हैं

Anand Dutta Updated On: Nov 10, 2017 01:31 PM IST

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रफिया नाजः कट्टरपंथियों की धमकी से बेपरवाह योग का सेक्युलर चेहरा

वो चार साल की उम्र से योग कर रही है. बाबा रामदेव के साथ मंच साझा कर चुकी है, वह भी 20 हजार लोगों के सामने. झारखंड की राजधानी रांची की रफिया नाज हाल के दिनों में अनाथ बच्चों को मुफ्त योग प्रशिक्षण मुहैया करा रही थी. इस बीच कट्टरपंथियों की नजर इस लड़की पर पड़ी. उन्होंने तत्काल फतवा जारी कर दिया कि यह धर्म के खिलाफ है.

अगर इस लड़की ने योग करना जारी रखा तो इसके गलत परिणाम होंगे. लेकिन बुलंद हौसले वाली रफिया नाज पर इस धमकी का रत्ती भर भी असर नहीं हुआ. एक अखबार में खबर छपने के बाद चैनलों ने इस खबर को उठाया.

बीते बुधवार को रफिया नाज एक चैनल के न्यूज रूम में अपनी बात रख ही रही थी, तभी किसी ने सीएम रघुवर दास को इसकी जानकारी दी. उन्होंने रांची के एसएसपी कुलदीप द्विवेदी को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया.

लाइव प्रसारण के बीच रांची पुलिस के कुछ कर्मी न्यूज रूम पहुंच गए. वहां रफिया को बताया गया कि जिला पुलिस ने उसके लिए दो सुरक्षाकर्मी मुहैया कराए हैं. देखते ही देखते यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया.

आइए जानते हैं रफिया नाज के बारे में

रफिया पाकिस्तान के योग गुरू सलीम बाबा के साथ भारत और पाकिस्तान के लोगों के बीच योग प्रतियोगिता कराना चाहती है. वह कहती है कि योग का धर्म से कोई लेना देना नहीं है. वह इसके जरिए दोनों देशों को आपस में मिलाना चाहती हैं.

rafiya naaz

उससे योग सीखनेवालों में मुस्लिम बच्चे तो हैं ही, इसके अलावा आदिवासी, हिन्दू सहित अन्य धर्मों के लोगों को वह सिखा चुकी है. रांची के मारवाड़ी कॉलेज की ये छात्रा इस वक्त एमकॉम की पढ़ाई कर रही है.

95 में पैदा हुई रफिया चार साल की उम्र से योग कर रही है. इस वक्त वह रांची के डोरंडा इलाके में आदिवासी अनाथ आश्रम के बच्चों को योग सिखा रही है. कहती है अनाथ बच्चों का कोई धर्म नहीं होता. उनको योग सिखाना मेरे लिए सबसे बड़ा पुण्य का काम है.

वहीं धमकी के बारे में रफिया ने बताया कि किश्तों में यह धमकी पिछले तीन सालों से मिल रही है. लेकिन बीते दो महीनों में लगातार धमकी मिल रही थी. कहते थे कि उठवा लेंगे. मार देंगे.

बकौल रफिया 'हम भी थेथर हो गए हैं. अब तो आदत हो गई है धमकियों की. हालांकि मैंने अपने लिए सिक्योरिटी गार्ड की मांग नहीं की थी. प्रशासन ने खुद दी है.'

टीवी वाले मौलाना धमकी देते हैं, घर आनेवाले मौलान शेर-ए-हिंद कहते हैं

रफिया ने बताया कि जो मौलाना टीवी पर आते हैं वह मुझे गाली देते हैं. कहते हैं मेरे धर्म की बच्ची नहीं है. धमकी देते हैं कि मेरे जनाजे में नहीं आएंगे. मैं कौन सा उनको बुलाने गई हूं जनाजे में जाने के लिए.

वो कहती है, 'जो मौलाना मेरे घर आते हैं वह मुझे शेर-ए-हिंद का खिताब देते हैं. टीवी वाले मौलाना अल्लाह नहीं हैं मेरे. वे कहते हैं कि कब्र के अंदर जलोगी तुम. बताइए भला लड़की को इस तरीके से बोला जाता है. इनका मोरल साइंस कहां चला जाता है. मैं खुदा के आगे सजदा करती हूं, वे कौन हैं?'

टीवी वाले मौलाना ने तो यहां तक कह दिया कि मैं आरएसएस की हूं. धर्म से निकालने की धमकी दे रहे थे. कह रहे थे तुम दागदार दामन की हो. भला वे ऐसा बोलने वाले होते कौन हैं.

रफिया 22 नवंबर से परीक्षा देने जा रही है एमकॉम की. वह चिंतित है अपनी पढ़ाई को लेकर. उसे समझ नहीं आ रहा कि उन्मुक्त घूमने वाली लड़की अब सिक्योरिटी गार्ड लेकर कैसे घूमेगी. उसका खर्च कहां से वहन करेगी. वो ये बात जरूर कहती है कि परिवार की सुरक्षा के लिए वह निश्चिंत हो गई है.

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