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दुनिया को अलविदा कह गए वरिष्ठ कांग्रेसी आरके धवन, 6 साल पहले हुई थी शादी

सन 1984 में जब इंदिरा की हत्या हुई, तब धवन उनके निजी सचिव थे और उन्होंने अपनी आंखों से उस मौत के मंजर को देखा था.

Rituraj Tripathi Rituraj Tripathi Updated On: Aug 06, 2018 11:07 PM IST

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दुनिया को अलविदा कह गए वरिष्ठ कांग्रेसी आरके धवन, 6 साल पहले हुई थी शादी

आरके धवन का नाम सुनते ही लोगों के जेहन में तमाम तस्वीरें उभरकर सामने आ जाती हैं. एक धवन वो हैं जो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निजी सचिव हैं, एक धवन वह हैं जो राज्यसभा के सदस्य हैं और एक धवन वह भी हैं जो इंदिरा की हत्या के प्रत्यक्षदर्शी हैं, इन छवियों को थोड़ा धुंधला करके देखा जाए तो एक धवन वह भी हैं जिन्होंने 74 साल की उम्र में शादी की. लेकिन 'आरके' के इन सभी 'धवनों' में एक समानता थी कि 'कांग्रेसी विचारधारा' उनके शरीर में खून की तरह बहती थी.

लेकिन सोमवार को एक और धवन की तस्वीर उभरकर सामने आई जिसका 81 साल की उम्र में निधन हो गया. पूरी जिंदगी कांग्रेस को सांसों की तरह जीने वाले वरिष्ठ कांग्रेसी नेता आरके धवन ने दिल्ली में दुनिया को अलविदा कह दिया. परिवार के सूत्रों ने बताया कि धवन ने शाम करीब सात बजे बीएल कपूर अस्पताल में अंतिम सांस ली.

इंदिरा गांधी के करीबी थे धवन, प्रशासनिक नियुक्तियों में रहता था दखल

आरके धवन का पूरा नाम राजिंदर कुमार धवल था. इंदिरा गांधी के शासनकाल में उन्हें देश का दूसरा या तीसरा सबसे ताकतवर शख्स माना जाता था. उन्हें इंदिरा की आंख और कान माना जाता था. उस दौर में होने वाली प्रशासनिक नियुक्तियों में भी उनका प्रभाव रहता था. हालांकि इंदिरा गांधी की मौत के बाद राजीव गांधी ने उन्हें सभी पदों से हटा दिया था क्योंकि वह उन पर भरोसा नहीं करते थे.

धवन ने 1962 में अपने करियर की शुरुआत इंदिरा गांधी के निजी सचिव के तौर पर की थी. सन 1984 में जब इंदिरा की हत्या हुई, तब भी धवन उनके निजी सचिव थे और उन्होंने अपनी आंखों से उस मौत के मंजर को देखा था. 1975 से 1977 के बीच जब देश में आपातकाल लगाया गया, उस वक्त भी इंदिरा धवन को काफी महत्व देती थीं. वह आपातकाल के दौरान इंदिरा के सबसे करीबी नेताओं में से थे.

एक इंटरव्यू में धवन ने दावा किया था कि आपातकाल के लिए उस दौर में पश्चिम बंगाल के सीएम रहे सिद्धार्थ शंकर ने इंदिरा पर दबाव बनाया था. धवन ने आपातकाल के लिए सिद्धार्थ शंकर को मुख्य वजह बताया था. सिद्धार्थ शंकर ने 8 जनवरी 1975 को इंदिरा को एक पत्र लिखा था, जिसमें आपातकाल के साथ शासन करने की बात कही गई थी.

6 साल पहले की शादी, 10 महीने तक छुपाया था रिश्ता

16 जुलाई 2012 को धवन ने 60 साल की अचला मोहन से शादी की थी. शादी के वक्त धवन की उम्र 74 साल थी और अचला उनसे 15 साल छोटी थीं. धवन ने इस रिश्ते को करीब 10 महीने तक दुनिया से छुपा कर रखा था. हालांकि बहुत दिनों तक यह रिश्ता दुनिया की नजरों से छुपा न रह सका.

अचला मोहन पहले से शादीशुदा थीं, उनके पहले पति पायलट थे और उन्हें एक बेटी भी थी. हालांकि धवन और अचला एक दूसरे को 1973 से जानते थे. लेकिन जब अचला की पायलट से शादी हो गई तो वह कनाडा जाकर बस गईं. 1980 के बाद से जब भी वह भारत आईं तो धवन से मिलती जरूर थीं.

लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था. अचला ने 1990 में अपने पति से तलाक ले लिया और भारत में आकर रहने लगीं. भारत आने के बाद वह 22 सालों तक धवन के करीब रहीं और आखिर में शादी करके उन्होंने अपने रिश्ते को एक नई ऊंचाई दी.

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