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पंजाब के किसानों ने कहा- नहीं छोड़ेंगे पराली जलाना, दिल्ली की हवा को खतरा

साथ ही लोगों ने कहा कि मशीनों से अगर वो पराली को जमीन के अंदर मिला भी देंगे तो दोबारा जमीन की खुदाई करने पर ये पराली फिर से ऊपर आ जाएगी

Updated On: Oct 10, 2018 07:48 PM IST

FP Staff

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पंजाब के किसानों ने कहा- नहीं छोड़ेंगे पराली जलाना, दिल्ली की हवा को खतरा

दिल्ली वालों हो जाओ सावधान क्योंकि पंजाब का जहरीला धुआं जल्द ही दिल्ली पहुंचने वाला है. जी हां सरकार की रोक के बावजूद भी किसान धड़ल्ले से फसल के अवशेष को आग लगा रहे हैं और इसकी शुरुआत संगरूर से हो गई है. भारतीय किसान यूनियन उग्राहा जिसका जन्म संगरूर से हुआ है उसने पराली को बड़े स्तर पर आग लगाने की पहल संगरूर से कर चुकी है. साथ ही किसानों ने ऐलान कर दिया है कि वो किसी भी हाल में पराली जलाना नहीं छोड़ेंगे क्योंकि उनके पास दूसरा कोई ऑप्शन नहीं है.

बता दें कि पंजाब के संगरूर के घरेचों गांव में कई किसानों ने भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) नाम के किसान संगठन के साथ मिलकर कई गांवो में बाइक रैली निकाली. रैली निकाल जगह-जगह किसानों को कहा कि वो किसी भी हाल में पराली जलाना ना छोड़ें क्योंकि किसानों के पास पराली जलाने के अलावा कोई भी ऑप्शन नहीं है.

Stubble burning in Amritsar Amritsar: A farmer works in a field as smoke rises due to the burning of the paddy stubbles at a village on the outskirts of Amritsar, Tuesday, Oct 9, 2018. Farmers are burning paddy stubble despite a ban, before growing the next crop. (PTI Photo)  (PTI10_9_2018_000091B)

इन लोगों ने सीधा सरकार को चैलेंज करते हुए कहा कि सरकार जो मशीन बाजार में पराली खत्म करने के लिए 70 हजार से 1 लाख रुपए के बीच में बिक रही है. उसी मशीन को ज्यादा कीमत करीब एक लाख 80 हजार से 2 लाख रुपए दिखाकर इन मशीनों पर सब्सिडी देने के नाम पर किसानों से मजाक कर रही है. सरकार से सब्सिडी मिलने के बाद किसानों को मशीन इतने ही रुपए की पड़ रही है जिसने कि बाजार में उपलब्ध है.

साथ ही लोगों ने कहा कि मशीनों से अगर वो पराली को जमीन के अंदर मिला भी देंगे तो दोबारा जमीन की खुदाई करने पर ये पराली फिर से ऊपर आ जाएगी. ऐसे में उनकी अगली फसल तैयार करने में दिक्कत होगी. इन किसानों ने कहा कि कई सालों से ये लोग पराली जलाते आ रहे हैं और पराली से निपटने के लिए इनके पास कोई दूसरा ऑप्शन नहीं है.

यही संदेश देने के लिए ये किसान लगातार पंजाब के अलग-अलग जिलों के गांवों में रैलियां निकाल रहे हैं और किसानों को कह रहे हैं कि वह सरकार से डरकर पराली जलाना ना छोड़े. पराली से सिर्फ 8% ही प्रदूषण होता है लेकिन प्रदूषण के लिए सिर्फ किसानों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है.

(तस्वीर प्रतीकात्मक है)

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