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धार्मिक ग्रंथों का अनादर करने पर उम्रकैद की सजा

पंजाब कैबिनेट ने रतीय दंड संहिता(आईपीसी) और आपराधिक दंड संहिता (सीआरपीसी) में संशोधनों को मंगलवार को मंजूरी दी है

Updated On: Aug 21, 2018 05:33 PM IST

Bhasha

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धार्मिक ग्रंथों का अनादर करने पर उम्रकैद की सजा

पंजाब कैबिनेट ने धार्मिक पुस्तकों के अनादर के जुर्म में उम्र कैद की सजा के प्रावधान के लिए भारतीय दंड संहिता(आईपीसी) और आपराधिक दंड संहिता (सीआरपीसी) में संशोधनों को मंगलवार को मंजूरी दी है.

एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि सरकार ने इस प्रकार की घटनाओं पर लगाम लगाने और राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया.

उन्होंने कहा, ‘मंत्रिमंडल ने आईपीसी में धारा 295एए को शामिल करने को मंजूरी दी है. इसके तहत जो कोई भी श्री गुरुगंथ साहिब, श्रीमद भगवद गीता, पवित्र कुरान और पवित्र बाइबल को लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से छतिग्रस्त करता है या नुकसान पहुंचाता है, उसे उम्रकैद की सजा हो सकती है.

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