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पब्लिक ट्रांसपोर्ट की जगह अपनी कार-बाइक इसलिए ज्यादा लगती है सुविधाजनक

देश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की स्थिति बेहद खराब है. लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट में चलना अब न के बराबर पसंद करते हैं

Updated On: Sep 03, 2018 11:01 AM IST

FP Staff

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पब्लिक ट्रांसपोर्ट की जगह अपनी कार-बाइक इसलिए ज्यादा लगती है सुविधाजनक

देश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की स्थिति बेहद खराब है. लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट में चलना अब न के बराबर पसंद करते हैं. हमारा पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम तेजी से बढ़ते ऑटो सेक्टर के साथ चलने में पूरी तरह से फ्लॉप हो रहा है.

क्या स्थिति है आज

आज जनता ट्रेन या बसों की बजाए अपने ट्-व्हीलर्स या फिर कार से चलना पसंद करती है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट का शेयर अब तक के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है और माना जा रहा है कि आने वाले समय में ये स्थिति और बदतर होने वाली है. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, 1994 में जहां भारत के सभी मुख्य शहरों में 60 से 80 प्रतिशत यात्री पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते थे. वहीं 2018 में ये आंकड़ा गिरकर 25-35 फीसदी पहुंच सकता है.

कौन है जिम्मेदार

पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल में आई इस बड़ी गिरावट के लिए जिम्मेदार और कोई नहीं बल्कि बसों की मौजूदा हालत है. पिछले चार सालों में बसों की संख्या में खास बढ़ोतरी नहीं की गई है. साथ ही जो सरकारी बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं, उनकी हालत भी खस्ता है. वहीं पिछले चार साल में टू-व्हीलर और 4-व्हीलर खरीदने वालों की संख्या में अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई है, जिस कारण शहर की सड़कों पर जाम भी बढ़ा है. हालांकि पिछले 10-15 सालों में दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई, जयपुर और लखनऊ जैसे शहरों में मेट्रो का काम तेजी से हुआ है.

तेजी से बढ़ी 2-व्हीलर और 4-व्हीलर की संख्या

ग्लोबल कंसल्टिंग फर्म एटी किएर्नी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2014-2017 के बीच 2-व्हीलर और 4-व्हीलर से चलने वाले यात्रियों की संख्या में हर साल 8 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. जब कि बसों की संख्या जो कि 0.2 फीसद 2014 में थी, वही 2017 में भी रही. कुछ विशेषज्ञों के मुताबिक, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों की संख्या में आई ये बड़ी गिरावट चौंकाने वाली है और इसके बारे में गंभीरता से सोचने की जरूरत है.

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