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जल्लीकट्टु विवाद: मोदी से मिले तमिलनाडु सीएम ओ.पन्नीरसेल्वम

केंद्र जल्लीकट्टू के मुद्दे पर कोई भी फैसला लेने से पहले सुप्रीम कोर्ट के अंतिम आदेश का इंतजार करना चाहेगा.

Swati Arjun Swati Arjun | January 19, 2017, 12:41 PM IST

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Jan 19, 2017

  • 12:10(IST)

    उन्होंने इस विरोध प्रदर्शन के असामाजिक तत्वों द्वारा हाईजैक होने का भी डर जताया

  • 12:00(IST)

    श्री श्री रविशंकर ने जल्लीकट्टू की तुलना कुंभ मेला से की है

  • 11:58(IST)

    उन्होंने कहा कि बैन जल्लीकट्टू पर नहीं कसाईखाने पर होना चाहिए

  • 11:57(IST)

    आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने भी जल्लीकट्टू का समर्थन किया है

  • 11:54(IST)

    पीएम मोदी ने बताया कि इस मुलाकात के दौरान पन्नीरसेलवम और उनके बीच जल्लीकट्टू पर बातचीत हुई

  • 11:51(IST)

    पीएम मोदी ने जल्लीकट्टु से जुड़े धार्मिक और सामाजिक महत्व की तारीफ की

  • 11:50(IST)

    पीएम मोदी ने आश्वासन दिया कि केंद्र जल्दी ही एक टीम हालात के आकलन के लिए तमिलनाडु जाएगी

  • 11:47(IST)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को भरोसा दिया है कि केंद्र राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का समर्थन करेगी

  • 11:45(IST)

    पॉन्डिचेरी में भी जल्लीकट्टू को लेकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं

  • 11:41(IST)

    पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान जल्लीकट्टु के मसले पर विचार करते ओ.पन्नीरसेलवम

  • 11:34(IST)

    शंकर चियान लिखते हैं कुछ पुलिस वाले मानवीय भी होते हैं, उन्होंने एक पुलिस अफसर की एक प्रदर्शनकारी को पानी पिलाने की तस्वीर शेयर की

  • 11:31(IST)

    मंटु लिखते हैं कि जानवर उनके जीवन का हिस्सा रहे हैं और वे लोग अपने सभी त्यौहार जानवरों के साथ मनाते हैं 

  • 11:23(IST)

    कई लोगों ने जानवरों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था पेटा इंडिया को भी निशाने पर लिया है

  • 11:21(IST)

    जल्लीकट्टू के लिए देश-विदेश से सोशल मीडिया पर समर्थन आ रहा है

  • 11:14(IST)
जल्लीकट्टु विवाद: मोदी से मिले तमिलनाडु सीएम ओ.पन्नीरसेल्वम

तमिलनाडु में पारंपरिक जल्लीकट्टु की प्रथा पर रोक लगाने की मांग अब एक जनआंदोलन का रूप लेती जा रही है.

इसी क्रम में गुरुवार सुबह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेलवम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आश्वासन दिया कि जल्द ही एक केंद्रीय टीम हालात का जायजा लेने तमिलनाडु जाएगी.

इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने इस मसले पर किसी तरह की सुनवाई से इंकार करते हुए कहा है कि याचिकाकर्ता अपनी याचिका संबंधित कोर्ट में लेकर जाएं.

सैंकड़ों लोगों, युवाओं, कलाकारों और नेताओं के बाद आज आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर भी जल्लीकट्टू के समर्थन में आगे आए.

श्री श्री रविशंकर ने कहा कि बैन जल्लीकट्टु पर न होकर कसाईखाने पर लगना चाहिए. उन्होंने इस परंपरा की तुलना कुंभ मेले से करते हुए पूछा कि वहां भी लोग हताहत होते हैं पर उस पर रोक नहीं लगती. उन्होंने आगाह किया कि कहीं ऐसा न हो जाए कि ये आंदोलन असामाजिक तत्वों द्वारा हाईजैक कर लिया जाए.

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के मरीना बीच में हजारों की संख्या में छात्र और आम लोग आज तीसरे दिन भी डटे हुए हैं. ये लोग सुप्रीम कोर्ट द्वारा जल्लीकट्टु पर लगी रोक को हटाने की मांग कर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ लोगों का विरोध प्रदर्शन अब राजधानी चेन्नई से आगे बढ़कर राज्य के अन्य जिलों और मदुरै तक फैल चुका है.

हमारी अंग्रेजी वेबसाइट फ़र्स्टपोस्ट.कॉम के अनुसार दिन चढ़ने के साथ ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेल्वम भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर इस मसले पर बात करना चाहते हैं. एआईएडीएमके महासचिव शशिकला नटराजन ने भी इस मुद्दे पर पीएम मोदी को पत्र लिखा है.

एनडीटीवी डॉट कॉम लिखता है, 36 घंटे बीतने के बाद भी न तो लोगों की मरीना बीच पर भीड़ घट रही है न ही उनका विरोध प्रदर्शन कम हो रहा है. प्रदर्शन करने वालों में ज्यादातर लोग या तो छात्र हैं या युवा जो इंजीनियर और डॉक्टर हैं.

JALLIKATTU

तमिलनाडु में जल्लीकट्टू एक पारंपरिक खेल है

चेन्नई से निकलने वाले अखबार द हिंदु के अनुसार, जैसे-जैसे लोगों का विरोध प्रदर्शन एक जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है, वैसे-वैसे इस मामले को सुलझाने के लिए राजनैतिक दबाव बढ़ता जा रहा है. मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम प्रदर्शनकारियों से मिलने के बाद बुधवार रात पीएम मोदी से मिलने दिल्ली पहुंच गए हैं.

 

डीएनए लिखता है, भले ही सुप्रीम कोर्ट ने जल्लीकट्टू पर बैन लगा दिया है लेकिन देश के ऐसे कई अन्य राज्य हैं जहां धर्म के नाम पर जानवरों की हत्या की जाती है.

इकोनॉमिक टाइम्स लिखता है, केंद्र जल्लीकट्टू के मुद्दे पर तमिलनाडु की जनता के साथ संवेदना रखता है लेकिन इस बारे में कोई भी फैसला लेने से पहले वो इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट के अंतिम आदेश के आने का इंतजार करना चाहेगा.

तमिलनाडु के मंत्री जयकुमार और पांडियाराजन ने भी कल प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और आश्वासन दिया कि सरकार उनसे सहमत है और अध्यादेश लाने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह करेगी. राज्य सरकार ने कहा है कि वह इस मामले में कानूनी विकल्प भी तलाश रही है

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