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परियोजनाओं में देरी से बचना है तो मंजूरी के बाद हो भूमि अधिग्रहण: रेलवे पैनल

पिछले महीने सौंपी गई एक रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे से जुड़ी परियोजनाओं में देरी के कारण लागत में उनकी 1.73 लाख करोड़ रुपए का इजाफा हुआ

Bhasha Updated On: Mar 11, 2018 02:30 PM IST

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परियोजनाओं में देरी से बचना है तो मंजूरी के बाद हो भूमि अधिग्रहण: रेलवे पैनल

रेलवे के एक पैनल ने सुझाव दिया है कि रेल परियोजनाओं में देरी से बचने के लिए कार्य की मंजूरी के बाद या निर्माण संबंधी अनुबंध के दस्तखत के पहले जमीन का अधिग्रहण होना चाहिए.

पिछले महीने सौंपी गई एक रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे से जुड़ी परियोजनाओं में देरी के कारण लागत में उनकी 1.73 लाख करोड़ रुपए का इजाफा हुआ.

रिपोर्ट में कहा गया, ‘भूमि अधिग्रहण और आम सेवाओं के स्थानांतरण में देरी के कारण परियोजनाओं के लागू होने और पूरा होने में असामान्य विलंब हो रहा है. इन दो गतिविधियों को काम के असल क्रियान्वयन के लिए अनुबंध को अंतिम रूप देने के पहले करना चाहिए.’

रिपोर्ट में कहा गया, ‘परियोजनाओं की मंजूरी के तुरंत बाद इन दोनों पर गौर करना चाहिए.’ मौजूदा कार्यप्रणाली में बिना रूपरेखा- योजना, जमीन अधिग्रहण के निर्माण अनुबंध शुरू हो जाता है. पेड़- पौधे, बिजली के खंभे आदि को हटाने में भी समय बर्बाद होता है.

रेलवे परियोजनाओं में देरी से नुकसान का अनुमान सांख्यिकी मंत्रालय की रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों से लगाया जा सकता है. इसके तहत पिछले साल अक्टूबर में भारतीय रेलवे की 350 परियोजनाओं की निगरानी की गई.

देरी के कारण 213 परियोजनाओं की मूल लागत 1,23,103.45 करोड़ रूपए से बढ़ कर अनुमानित लागत 2,96,496.70 करोड़ रुपए हो गई. इस तरह लागत में 140.85 प्रतिशत का इजाफा हुआ. रेलवे पैनल की रिपोर्ट पिछले महीने रेलवे बोर्ड को सौंपी गयी और इस पर गौर किया जा रहा है.

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