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राहुल गांधी के खिलाफ लाए जाने वाले 'विशेषाधिकार प्रस्ताव' का मतलब क्या है!

विशेषाधिकार प्रस्ताव तब लाया जाता है जब संसद के किसी सदस्य पर विशेषाधिकार के उल्लंघन का आरोप हो.

Updated On: Jul 20, 2018 05:01 PM IST

FP Staff

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राहुल गांधी के खिलाफ लाए जाने वाले 'विशेषाधिकार प्रस्ताव' का मतलब क्या है!

संसद में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी द्वारा पीएम मोदी पर लगाए आरोपों के बाद बीजेपी ने पलटवार किया है. बीजेपी नेता और संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ बीजेपी विशेषाधिकार प्रस्ताव लाएगी. अनंत कुमार ने कहा कि राहुल ने झूठ बोलकर संसद को गुमराह किया है.

दरअसल विशेषाधिकार प्रस्ताव तब लाया जाता है जब संसद के किसी सदस्य पर विशेषाधिकार के उल्लंघन का आरोप हो. भारतीय संविधान के अनुसार संसद के दोनों सदनों, उसके सदस्यों और समितियों को कुछ विशेष अधिकार मिलते हैं. ये अधिकार इसलिए दिए जाते हैं जिससे सदन, समितियां और सदस्य स्वतंत्र रूप से काम करें.

लेकिन न्यायपालिका संसद के आन्तरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करती इसलिए अगर कोई सांसद अपने विशेषाधिकारों का दुरुपयोग करता है तो संसद कानूनी प्रक्रिया द्वारा उसके खिलाफ कार्यवाही करती है, इसे ही विशेषाधिकार प्रस्ताव कहा जाता है.

यह प्रस्ताव संसद के किसी भी सदस्य, सदन की कमेटी और पूरे सदन के खिलाफ लाया जा सकता है. सदन के स्पीकर और चेयरमैन को यह अधिकार होता है कि वह इस प्रस्ताव को खारिज या स्वीकृत कर सकता है.

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