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विदेश भागे आर्थिक भगोड़ों की संपत्ति होगी जब्त, अध्यादेश को मिली मंजूरी

यह कानून ऐसे आर्थिक अपराधियों पर लागू होगा जो देश वापस आने से इनकार कर देते हैं, जिन लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके हैं

Updated On: Apr 22, 2018 02:24 PM IST

Bhasha

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विदेश भागे आर्थिक भगोड़ों की संपत्ति होगी जब्त, अध्यादेश को मिली मंजूरी
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बैंकों से कर्ज लेकर विदेश भागने वाले अपराधियों के खिलाफ लाए गए भगोड़े आर्थिक अपराधी अध्यादेश 2018 को राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी. नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे आर्थिक अपराधियों पर कड़ा अंकुश लगाने के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने शनिवार को इस अध्यादेश को मंजूरी दी थी.

इस कानून में आर्थिक अपराध कर देश से भागे लोगों की संपत्ति जब्त करने और उसे बेच कर कर्ज देने वालों का पैसा वापस करने का प्रावधान है.सरकार यह कदम उन पर मुकदमे का फैसला आए बिना उठा सकेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दी गई. राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अब यह लागू हो गया.

क्या है इस कानून में?

- नीरव मोदी जैसे उन लोगों की संपत्तियां जब्त करने का प्रावधान है जो आपराधिक कार्रवाई से बचने के लिए देश से भाग गए हैं.

- यह कानून ऐसे आर्थिक अपराधियों पर लागू होगा जो देश वापस आने से इनकार कर देते हैं, जिन लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके हैं और जिनपर 100 करोड़ रुपए से अधिक का बकाया है और उन्हें जानबूझ कर कर्ज न चुकाने वाला घोषित किया जा चुका है.

- इस तरह के आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निरोधक कानून (पीएमएलए) के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

- इसके तहत मुकदमे से बचने के लिए विदेश भाग जाने वाले या मामले का सामना करने के लिए वापस लौटने से इनकार करने वाले को भगोड़ा अपराधी माना जाएगा.

- इसके तहत ऐसे भगोड़े अपराधी भी आएंगे जिनपर जाली सरकारी स्टांप और करेंसी छापने, चेक बाउंस होने, मनी लॉन्ड्रिंग (अपराध की कमाई को वैध दिखाने की कोशिश) और कर्जदाता के साथ धोखाधड़ी करने के सौदे में लिप्त होनेक के आरोप में गिरफ्तारी वारंट जारी है.

- पीएमएलए 2002 के तहत नियुक्त निदेशक या उपनिदेशक किसी व्यक्ति को भगोड़ा घोषित करने के लिए विशेष अदालत में आवेदन कर सकता है. उसे संबंधित व्यक्ति के ठिकाने, उसकी जब्त की जाने वाली संपत्तियों, जब्त की जाने वाली बेनामी और विदेशी संपत्तियों की सूची और ऐसे व्यक्तियों की सूची देनी होगी जिनका इन संपत्तियों से हित जुड़ा है.

- अदालत इस अर्जी के बाद भगोड़े व्यक्ति को हाजिर होने के लिए छह हफ्ते का समय देगा. इस दौरान अगर वह व्यक्ति हाजिर हो जाता है तो अदालत इस अध्यादेश के प्रावधानों के तहत शुरू की गई कार्रवाई रोक देगा.

- विशेष अदालत के आदेश के खिलाफ अपील हाई कोर्ट में दाखिल की जा सकती है.

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