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कैशलेस होने से इकॉनोमी में पारदर्शिता बढ़ेगी: राष्ट्रपति

भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 68वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्र के नाम संदेश दिया

Updated On: Jan 25, 2017 09:00 PM IST

FP Staff

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कैशलेस होने से इकॉनोमी में पारदर्शिता बढ़ेगी: राष्ट्रपति

भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 68वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्र के नाम संदेश दिया. राष्ट्रपति ने 68 वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सभी देशवासियों को बधाई दी.

उन्होंने सैन्य बलों, पैरामिलिट्री फोर्सेज और आतंरिक सुरक्षा बलों को खास तौर से बधाई दी.

उन्होंने कहा कि जब 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ था तो हमारे पास कोई शासन को चलाने के लिए दस्तावेज नहीं था.

26 जनवरी 1950 को भारत की जनता ने खुद को संविधान के हवाले किया. इसके द्वारा देश ने भाईचारे, व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता को बढ़ाने और बचाने की प्रतिज्ञा ली. इस दिन हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र बन गए.

उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र अशांति से ग्रस्त क्षेत्र में भी मजबूती से टिका रहा.

भारत बन रहा है विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यस्था

उन्होंने कहा कि आज हम विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था हैं.

राष्ट्रपति ने कहा कि हम वैज्ञानिक और तकनीकी रूप से दूसरी सबसे बड़ी शक्ति हैं, तीसरी सबसे बड़ी सेना, न्यूक्लीयर क्लब के छठे सदस्य हैं. राष्ट्रपति ने कहा कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में छठे नंबर पर और दसवीं सबसे बड़ी औद्योगिक ताकत हैं.

कहा कि खाद्यान्न आयातक देश से भारत अब खाद्य वस्तुओं का प्रमुख निर्यातक देश बन गया है.

राष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र ने हम सब को अधिकार दिए हैं, परंतु इन अधिकारों के साथ-साथ दायित्व भी आते हैं. राष्ट्रपति ने कहा कि आज के युवा आशा और आकांक्षाओं से भरे हुए हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि अपने लोगों की खुशहाली और बेहतरी को लोकनीति का आधार बनाना चाहिए और सरकार की प्रमुख योजनाओं को समाज के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है.

उन्होंने यह भी कहा कि हमारी इकॉनोमी मुश्किल ग्लोबल आर्थिक संकट के बावजूद, अच्छा प्रदर्शन करती रही है. फिर भी हमें हमारे निर्यात में अभी और तेजी लाना है. हमने विशाल विदेशी मुद्रा भंडार को स्थिर रखा है.

नोटबंदी से कुछ समय के लिए रहेगी आर्थिक मंदी

कालेधन और नोटबंदी के ऊपर राष्ट्रपति ने कहा कि काले धन की समस्या को खत्म करने और भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए की गई नोटबंदी से कुछ समय के लिए आर्थिक मंदी रह सकती है.

कैशलेस इकॉनोमी के बारे में राष्ट्रपति ने कहा कि लेन-देन के अधिक से अधिक कैशलेस होने से इकॉनोमी में पारदर्शिता बढ़ेगी.

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत का बहुलता और उसकी सामाजिक, सांस्कृतिक, भाषायी और धार्मिक विविधता हमारी सबसे बड़ी ताकत है. हमारी परंपरा ने सदैव 'असहिष्णु' भारतीय नहीं बल्कि 'तर्कवादी' भारतीय की सराहना की है.

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