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सेक्स को प्यार के चरम के रूप में पेश कर रहा है मीडिया-इंटरनेटः कोर्ट

जज ने कहा कि लड़के-लड़कियां अक्सर कानून के तहत निर्धारित वैध उम्र से पहले ही यौन संबंध बना रहे हैं

Bhasha Updated On: Dec 24, 2017 01:10 PM IST

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सेक्स को प्यार के चरम के रूप में पेश कर रहा है मीडिया-इंटरनेटः कोर्ट

दिल्ली की एक अदालत ने एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार के मामले में एक व्यक्ति को 10 साल की सजा सुनाई है. सजा सुनाते वक्त जज ने कहा कि मीडिया और इंटरनेट युवाओं में सेक्स को प्यार के चरम के तौर पर पेश कर रहा है.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सीमा मैनी ने ये टिप्पणी करते हुए दिल्ली के रहने वाले 26 वर्षीय नीरज पर 30,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया. जिसमें से 20 हजार रुपए 14 साल की लड़की को बतौर मुआवजा दिया जाएगा.

जज ने कहा कि मीडिया, टेलीफोन, इंटरनेट आदि के प्रसार से आज के समय में ये अवधारणा सभी में रच बस गयी है कि एक लड़का और लड़की के बीच प्यार का चरम सेक्स ही है.

निर्धारित वैध उम्र से पहले ही यौन संबंध बना रहे हैं युवा 

जज ने कहा, ‘लड़के-लड़कियां अक्सर कानून के तहत निर्धारित वैध उम्र से पहले ही यौन संबंध बना रहे हैं. वे एक दूसरे से शादी का वादा करते हैं जबकि दोनों के बीच शादी की संभावना तक नहीं होती.’

अदालत ने दोषी की एक बेटी होने की बात का संज्ञान करते हुए कहा कि लड़की से दूर रहने को लेकर उसकी मां के आगाह करने के बावजूद उसने पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाना जारी रखा.

न्यायाधीश ने कहा, ‘आरोपी को दुनियादारी की समझ थी, उसकी उम्र 26 साल है, उसकी शादी हो चुकी है और एक बेटी भी है तब भी वह उस लड़की को लुभा रहा था जो उससे 10 साल से भी ज्यादा छोटी है.’

अदालत ने दोषी की इस दलील को खारिज कर दिया कि उसके और लड़की के बीच शारीरिक संबंध आपसी रजामंदी से बने थे. दोषी नीरज के खिलाफ पीड़िता की मां ने शिकायत दर्ज करायी थी कि दोषी ने लड़की के साथ कई बार बलपूर्वक शारीरिक संबंध बनाए.

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