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यूपी के मदरसों में अब होगी NCERT की किताबों से पढ़ाई

इसमें समय की मांग को लेकर सिलेबस में परिवर्तन किया जाएगा, नए पाठ्यक्रम में आधुनिक विषयों को भी जोड़ा जाएगा

Updated On: Oct 30, 2017 08:16 PM IST

Bhasha

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यूपी के मदरसों में अब होगी NCERT की किताबों से पढ़ाई

उत्तर प्रदेश के मदरसों में धर्म संबंधी किताबों को छोड़कर पाठ्यक्रम में समय के अनुरूप बदलाव करके उसे ‘सुव्यवस्थित’ किया जाएगा. राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (एनसीईआरटी) की किताबों से शिक्षा दिलाई जाएगी. राज्य मदरसा बोर्ड ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है.

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने सोमवार को ट्वीट किया कि मदरसों में अब एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई होगी. इन मदरसों में अब आधुनिक विषय पढ़ाए जाएंगे, ताकि उनमें पढ़ने वाले बच्चे अन्य स्कूलों के विद्यार्थियों से बराबरी कर सकें.

ट्वीट के मुताबिक आलिया (इंटरमीडिएट) स्तर पर गणित और विज्ञान विषयों को अनिवार्य किया जाएगा.

मौजूदा पाठ्यक्रम में है दो भाग 

यूपी मदरसा शिक्षा परिषद् के अधिकारी राहुल गुप्ता ने बताया कि पाठ्यक्रम की समीक्षा की बात चल रही है. हालांकि अभी यह शुरुआती चरण में है. मदरसा बोर्ड सभी कक्षाओं में नए पाठ्यक्रम लाने पर विचार कर रहा है.

उन्होंने बताया कि मौजूदा पाठ्यक्रम के दो भाग होते हैं. एक दीनी पाठ्यक्रम होता है, जो पहले की ही तरह रहेगा. बोर्ड पारंपरिक शिक्षा के पाठ्यक्रम को बदलने की तैयारी कर रहा है.

इसमें समय की मांग को लेकर पाठ्यक्रम में परिवर्तन किया जाएगा. नए पाठ्यक्रम में आधुनिक विषयों को भी जोड़ा जाएगा.

शिक्षकों ने फैसले का किया है स्वागत 

टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया उत्तर प्रदेश ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. संगठन के महामंत्री दीवान साहब जमां ने कहा कि सरकार अगर दीनी कोर्स को छोड़कर बाकी पाठ्यक्रम में वक्त के हिसाब से बदलाव करती है तो यह अच्छी बात है.

जमां ने कहा कि इस वक्त प्रदेश के मदरसों में हिंदी, अंग्रेजी और विज्ञान विषयों के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश का पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है. अगर एनसीईआरटी की किताबों से अच्छे परिणाम मिलते हैं, तो यह अच्छी बात है.

सरकार ने मदरसों के संचालन में पारदर्शिता लाने के लिए बोर्ड का एक वेब पोर्टल बनाया है. सभी मदरसों से कहा गया था कि वह इस पर अपने यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों की संख्या और उनके वेतन और मदरसे के प्रबंधन समेत कई चीजों के बारे में सूचना अपलोड करें.

प्रदेश के 19 हजार मान्यता प्राप्त मदरसों में से करीब 2500 ने उक्त सूचना पोर्टल पर नहीं डाली है.

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