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प्रद्युम्न मर्डर केस: अगले तीन दिन कोर्ट और सीबीआई के रुख पर रहेगी सभी की नजर

आरोपी छात्र का मामला जुविनाइल जस्टिस बोर्ड के पास ही रहेगा या फिर ऊपरी अदालत में जाएगा इस मसले पर भी फैसला आ सकता है

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Nov 19, 2017 08:15 PM IST

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प्रद्युम्न मर्डर केस: अगले तीन दिन कोर्ट और सीबीआई के रुख पर रहेगी सभी की नजर

प्रद्युम्न मर्डर मिस्ट्री में इस सप्ताह के तीन दिन बेहद अहम साबित होने वाले हैं. सप्ताह के पहले तीन दिन ही इस केस के भविष्य की रूपरेखा तैयार कर देंगे. अदालत इन्हीं तीन दिनों में अपने निर्णय से प्रद्युम्न हत्याकांड की दिशा और दशा तय कर सकती है.

हरियाणा एसआईटी द्वारा गिरफ्तार बस कंडक्टर अशोक की जमानत याचिका पर जहां सोमवार को सुनवाई होगी वहीं रायन इंटरनेशनल स्कूल के मालिक पिंटो परिवार की जमानत याचिका पर भी 21 नवंबर को हरियाणा-पंजाब हाईकोर्ट में फैसला आना है.

सीबीआई के द्वारा गिरफ्तार आरोपी छात्र को भी 22 नवंबर को जुविनाइल जस्टिस बोर्ड में पेश किया जाएगा. आरोपी छात्र का मामला जुविनाइल जस्टिस बोर्ड के पास ही रहेगा या फिर ऊपरी अदालत में जाएगा इस मसले पर भी फैसला आ सकता है.

8 सितंबर को गुरुग्राम के रायन इंटनेशनल स्कूल के कक्षा दो के एक छात्र प्रद्युम्न की गला रेत कर हत्या कर दी गई थी.

बस कंडक्डर को किया था हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार

हरियाणा पुलिस ने इस हत्याकांड में उस वक्त एक बस कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार किया था. हरियाणा पुलिस के द्वारा अशोक की गिरफ्तारी पर प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर का भी कहना था कि असली कातिल को बचाया जा रहा है. बाद में गिरफ्तार बस कंडक्टर अशोक ने भी हरियाणा पुलिस पर जबरदस्ती हत्या की बात कबूल करबाने का आरोप लगाया था.

इस घटना के बाद हरियाणा पुलिस ने रायन स्कूल के दो सीनियर अधिकारी को गिरफ्तार किया था. रायन स्कूल के रिजिनल हेड और एचआर हेड अभी भी जेल में बंद हैं.

दूसरी तरफ प्रद्युम्न मर्डर केस में गिरफ्तारी से बचने से के लिए रायन स्कूल मैनेजमेंट के मालिक पिंटो परिवार ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी, जिसे कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दी गई थी. इस मंजूरी की मियाद अब पूरी हो चुकी है.

दिल्ली से सटे हरियाणा स्थित गुरुग्राम के रायन इंटरनेशन स्कूल में प्रद्युम्न मर्डर केस मामले में हरियाणा पुलिस ने बस कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार किया है.

सीबीआई के हाथ में जांच की जिम्मेदारी आते ही इस केस में उस समय नया मोड़ आ गया था जब रायन स्कूल के ही 11वीं के छात्र को इस हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

सीबीआई ने हरियाणा पुलिस की थ्योरी को पलटते हुए आरोपी छात्र को प्रद्युम्न की हत्या में गिरफ्तार कर सनसनी फैला दी थी. आरोपी छात्र इस वक्त बाल सुधार गृह में रह रहा है.

सीबीआई ने वह सीसीटीवी फुटेज भी हासिल कर लिया था, जिसमें आखिरी बार आरोपी छात्र मृतक छात्र प्रद्युम्न के साथ दिखाई दिया था.

सुप्रीम कोर्ट ने भी दिखाई थी सख्ती

दो महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल के छात्र प्रद्युम्न की मौत पर सख्त रुख अख्तियार किया था.

सीबीआई सूत्रों का कहना है कि जब तक आरोपी छात्र के खिलाफ सीबीआई चार्जशीट दाखिल न कर दे तब तक सीबीआई चाहेगी कि ड्राइवर अशोक को जमानत नहीं मिले.

लेकिन, कानून के जानकारों का मानना है कि अदालत में अशोक की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सीबीआई के लिए विकट स्थिति पैदा होने वाली है. एक तरफ सीबीआई अशोक को क्लीनचिट भी देने को तैयार नहीं है तो दूसरी तरफ जमानत का विरोध भी नहीं कर रही है.

दूसरी तरफ सीबीआई अगर अशोक को क्लीनचिट भी दे देती है फिर भी पिंटो परिवार या रायन इंटरनेशल स्कूल के प्रबंधन की परेशानी खत्म नहीं होने वाली है. रायन इंटनेशनल स्कूल पर आपराधिक लापरवाही बरतने का आरोप फिर भी रहेगा क्योंकि, हत्या के तुरंत बाद ही स्कूल मैनेजमेंट ने खून साफ करने का प्रयास किया था. क्राइम सीन के साथ छेड़छाड़ को लेकर स्कूल प्रबंधन घेरे में है. ऐसे में पिटों परिवार के लिए भी काफी मुश्किल होने वाला है.

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मृतक छात्र प्रद्युमन ठाकुर की रोली-बिलखती मां ज्योति ठाकुर

आरोपी छात्र का हो सकता है लाई  डिक्टेटर टेस्ट

सीबीआई सूत्रों का कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो आरोपी छात्र को झूठ पकड़ने वाली मशीन के सामने भी पेश किया जा सकता है. सीबीआई इसके लिए अदालत से अनुमति लेने पर भी विचार कर रही है.

कुल मिलाकर सीबीआई की नई थ्योरी और आरोपी छात्र के नए खुलासे ने केस को नया मोड़ दे दिया है. प्रद्युम्न का परिवार भी आरोपी छात्र पर शिकंजा कसने के लिए कोर्ट पहुंच चुकी है. प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर लगातार यह कह रहे हैं कि आरोपी छात्र को बालिग की तरह पेश किया जाए.

अगर जुविनाइल जस्टिस बोर्ड ने आरोपी छात्र को बालिग मान लिया तो उसके कृत्य के लिए उसे उम्रकैद की भी सजा हो सकती है. अगर ऐसा नहीं हुआ तो उसे 3 साल के लिए बाल सुधार में ही रखा जाएगा.

ऐसे में अगले तीन दिन इस केस के लिए काफी अहम साबित होने वाले हैं. इस केस में दिलचस्पी रखने वाले हर शख्स की नजर कोर्ट और सीबीआई के रुख पर रहेगी. आरुषि-हेमराज मर्डर मिस्ट्री में अपने ऊपर लगे नाकामी के दाग को भी सीबीआई इस केस के जरिए धोने का प्रयास करेगी.

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