S M L

अधर में लटकी पीएम शहरी आवास योजना, 3 साल में बने 8 फीसदी मकान

शहरी क्षेत्रों में 3 साल में 40.6 लाख मकान बनाने की योजना थी, लेकिन अब तक 3 लाख यानी 8 फीसदी मकान ही बनाए जा सके सके हैं

Updated On: Mar 22, 2018 09:24 AM IST

FP Staff

0
अधर में लटकी पीएम शहरी आवास योजना, 3 साल में बने 8 फीसदी मकान
Loading...

देश के सभी लोगों को घर देने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना काफी धीरे चल रही है. बीते 3 साल के आंकड़े बताते हैं कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत केवल 8 फीसदी लक्ष्य ही पूरा किया जा सका है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में 3 साल में मोदी सरकार ने 40.6 लाख मकान बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन अब तक 3 लाख यानी 8 फीसदी मकान ही बनाए जा सके सके हैं. हालांकि शहरी योजना की तुलना में ग्रामीण आवास योजना बेहतर हालत में है जिसमें 95.4 लाख मकानों में से 28.8 लाख घर तैयार किए जा चुके हैं. ग्रामीण विकास मंत्रालय ने यह लक्ष्य योजना शुरू होने के 15 महीने के भीतर ही हासिल कर लिया है.

केंद्रीय शहरी विकास और ग्रामीण विकास मंत्रालयों के आंकड़े बताते हैं कि शहरी क्षेत्रों में 40.6 लाख मकानों के निर्माण के लिए 8,341 प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है. इससे साफ है कि 18 लाख मकानों पर काम चल रहा है यानी योजना के तहत 44 फीसदी लक्ष्य पूरा किया जा सकता है. हालांकि आंकड़ों से यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इन मकानों का निर्माण कहां तक पहुंचा है. जिन मकानों पर काम पूरा हो चुका है, उनमें से करीब 3 लाख में लोगों ने रहना शुरू कर दिया है.

2022 तक बन पाएंगे केवल 2 फीसदी मकान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 जून, 2015 को महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना शुरू की थी. इसके तहत 2022 तक शहरी गरीबों के लिए 2 करोड़ आवास तैयार करने की योजना थी. पीएम मोदी ने कहा था कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर देश के हर नागरिक के पास अपना घर होगा. जिस गति से आवासों का निर्माण चल रहा है, उसके हिसाब से सरकार 2022 तक 2 फीसदी ही काम पूरा कर पाएगी.

इस योजना के तहत शहरी निकायों और अन्य एजेंसियों को केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से मदद मुहैया कराती है. इन आवासों के निर्माण को 4 श्रेणियों में बांटा गया है.

0
Loading...

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
फिल्म Bazaar और Kaashi का Filmy Postmortem

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi