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...तो 24 डिग्री से कम टेंपरेचर पर नहीं चला सकेंगे AC, जानें क्यों

बिजली मंत्रालय की दलील, 24 डिग्री पर एसी चलने से 20 अरब यूनिट बचेगी बिजली और सेहत भी अच्छी रहेगी

FP Staff Updated On: Jun 23, 2018 05:17 PM IST

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...तो 24 डिग्री से कम टेंपरेचर पर नहीं चला सकेंगे AC, जानें क्यों

बिजली मंत्रालय आने वाले दिनों में एयर कंडीशनर के लिए तापमान 24 डिग्री तय कर सकता है. बिजली मंत्री आरके सिंह की मानें तो इससे ग्राहकों को दोहरा फायदा होगा-एक तो उनकी सेहत अच्छी रहेगी और दूसरा, बिजली बिल भी हिसाब से आएगा.

बिजली मंत्रालय यह भी चाहता है कि एसी कंपनियां अपने उत्पादों पर लेबल चिपका कर ग्राहकों को ऑप्टिमम टेंपरेचर (अनुकूल तापमान) के बारे में जानकारी दे. मंत्रालय की यह योजना अगर अमल में आ जाती है तो हाल के महीनों में एसी का तापमान 24 डिग्री नियत हो सकता है. मंत्रालय ने बताया है कि इस कदम से देश में हर साल 20 अरब यूनिट बिजली की बचत होगी. साथ ही लोगों की सेहत पर भी अच्छा प्रभाव पड़ेगा.

सेहतमंद नहीं है एसी का कम तापमान

आर के सिंह ने शुक्रवार को एसी में एनर्जी इफिशिएंसी को बढ़ावा देने का अभियान शुरू किया. इस मौके पर उन्होंने कहा, ‘एयर कंडीशनर में एक डिग्री तापामान ऊंचा करने से बिजली खपत में छह प्रतिशत की कमी आती है.’

मंत्री ने यह भी बताया कि ‘शरीर का सामान्य तापमान 36 से 37 डिग्री सेल्सियस है लेकिन होटल और ऑफिस में तापमान 18 से 21 डिग्री रखा जाता है. यह न केवल तकलीफ देने वाला है बल्कि सेहत के लिए भी अच्छा नहीं है. इस तापमान में लोगों को गर्म कपड़े पहनने पड़ते हैं या कंबल ओढ़ना होता है. यह वास्तव में बिजली की बर्बादी है. इसको देखते हुए जापान जैसे कुछ देशों में तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रखने के लिए नियम बनाए गए हैं.’

20 अरब यूनिट बिजली की होगी बचत 

कंपनियों को एसी में 24 डिग्री सेल्सियस तापमान नियत करने का सुझाव दिया गया है. साथ ही उस पर लेबल लगाकर ग्राहकों को यह बताने को कहा गया है कि उनके पैसे की बचत और अच्छी सेहत के लिए तापमान फिक्स करना बेहतर है. यह तापतान 24 से 26 डिग्री के दायरे में होगा.

फोटो रॉयटर्स से

फोटो रॉयटर्स से

इसके लिए चार से छह महीने तक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. इसके बाद लोगों की राय जानने के लिए सर्वे होगा. उसके बाद मंत्रालय इसे जरूरी बनाने पर सोचगा. अगर सभी ग्राहक इसे अपनाते हैं तो एक साल में ही 20 अरब यूनिट बिजली की बचत होगी.

अभी केवल 6 प्रतिशत घरों में एसी

बीईई (ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी) का कहना है कि मौजूदा बाजार को देखते हुए एसी के कारण देश में कुल बिजली ‘लोड’ 2030 तक 200,000 मेगावाट हो जाएगा. इसके आगे और बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि अभी देश में केवल 6 प्रतिशत घरों में एसी चलता है. एक अनुमान के मुताबिक देश में अभी लगे एसी की क्षमता 8 करोड़ टीआर (टन ऑफ रेफ्रिजरेटर) है जो बढ़कर 2030 तक 25 करोड़ टीआर हो जाने का अनुमान है.

इस दिशा में शुरुआत करते हुए हवाईअड्डा, होटल, शापिंग मॉल समेत सभी व्यावसायिक जगहों और एसी बनाने वाली कंपनियो को निर्देश जारी किया जाएगा.

(इनपुट भाषा से)

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