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नेताओं का थल सेना में शामिल होना तभी अच्छा जब वो नियमित सेवा दें : आर्मी चीफ

कभी-कभी राजनीति में अनिर्णायक होना एक गुणवत्ता हो सकता है लेकिन ऐसा सेना में नहीं होता

Bhasha Updated On: Jul 06, 2017 11:10 AM IST

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नेताओं का थल सेना में शामिल होना तभी अच्छा जब वो नियमित सेवा दें : आर्मी चीफ

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि नेताओं का टेरीटोरियल आर्मी में शामिल होना तभी अच्छा है जब वो नियमित सदस्यों के तौर पर सेवा दें, नहीं तो यह नकारात्मक असर पैदा करता है.

बुधवार को जनरल रावत नेतृत्व गुणवत्ता पर बड़ौदा में छात्रों के एक समूह से बातचीत कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि कभी-कभी राजनीति में अनिर्णायक होना एक गुणवत्ता हो सकता है लेकिन ऐसा सेना में नहीं होता.

टेरीटोरियल आर्मी में युवा नेताओं के शामिल होने पर एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह तभी जाकर अच्छा है जब नेता नियमित सदस्यों के रूप में काम करें. आपको बता दें कि टेरीटोरियल आर्मी थल सेना का हिस्सा है. इसकी स्थापना 1920 में हुई थी. इसकी मौजूदा क्षमता लगभग 40 हजार है.

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