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मालदीव में छपा मोदी विरोधी आर्टिकल तो हुआ विवाद

मालदीव के विपक्षीय गठबंधन ने इसकी आलोचना की है और कहा है कि इससे भारत विरोधी भावना जाहिर होती है

FP Staff Updated On: Dec 21, 2017 10:22 PM IST

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मालदीव में छपा मोदी विरोधी आर्टिकल तो हुआ विवाद

मालदीव में सरकार समर्थित एक अखबार में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक आर्टिकल छापने को लेकर विवाद हो गया है. वहां के विपक्षीय गठबंधन ने इसकी आलोचना की है और कहा है कि इससे भारत विरोधी भावना जाहिर होती है.

यह आर्टिकल वेबसाइट Vaguthu के संपादकीय में 'India is not a best friend, but an enemy!' हेडलाइन से छपा है. इसे सरकार समर्थित वेबसाइट माना जाता है. इसमें यह भी कहा गया है कि मालदीव को देखने का भारत का परंपरागत नजरिया अब बदल गया है. आर्टिकल में कहा गया है कि भारत अब मालदीव को ईर्ष्या, स्वार्थ से भरे हुए और द्वेष की भावना से देखता है.

वहां की एमडीपी वेबसाइट पर एक बयान जारी करते हुए कहा गया है, Vaguthu राष्ट्रपति यामीन का मुखपत्र है. इसका संपादकीय छपने से पहले राष्ट्रपति ऑफिस से मंजूरी लेता है. बता दें कि भारतीय प्रधानमंत्री को लेकर छपे इस आर्टिकल को लेकर वहां के दो पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नाशीद और मौमून अब्दुल गयूम ने आलोचना की है.

गयूम ने ट्वीट किया, मालदीव के लोग इस नजरिए से इसे नहीं देखेंगे. भारत हमेशा से मालदीव के नजदीक और विश्वासपात्र दोस्त रहा है.

नाशीद ने ट्वीट किया, Vaguthu में भारत के खिलाफ छपे इस ऑर्टिकल की आलोचना करता हूं. राष्ट्रपति की विदेश नीति भारत के साथ रिश्ते को बिगाड़ रही है. मालदीव हमेशा से भारती की सुरक्षा को लेकर संवेदनशील रहा है.

संपादकीय में भारत की कश्मीर नीति और इस्लाम को लेकर अपनाए जा रहे रवैये पर टिप्पणी की गई है. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'अतिवादी हिंदू' बताया गया है. इसमें ये भी कहा गया है कि उसके चीन से बढ़ते रिश्ते को लेकर भारत उसके ईर्श्या की भावना रखता है.

संपादकीय में ये भी कहा गया है कि अब समय आ गया है कि मालदीव को नए दोस्तों की तलाश करनी चाहिए. बता दें कि मालदीव दक्षिण एशिया में एक मात्र पड़ोसी देश है जहां नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद अब तक नहीं गए हैं.

(साभार: न्यूज़18)

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