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धर्म के नाम पर देश में कब तक चलता रहेगा ढोंगी बाबाओं का खेल?

राम रहीम और आसाराम के बाद अब एक और बाबा की काली करतूत की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई के पास आ गई है

Updated On: Dec 22, 2017 09:32 AM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

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धर्म के नाम पर देश में कब तक चलता रहेगा ढोंगी बाबाओं का खेल?

देश की राजधानी दिल्ली एक और बाबा की काली करतूतों से शर्मिंदा हो गई है. धार्मिक भावनाओं के नाम पर लोगों के विश्वास के साथ खिलवाड़ करने का यह मामला दिल्ली के विजय विहार इलाके का है. विजय विहार में एक बाबा ने ऐसा कारनामा किया है, जिसके बाद से कहा जा सकता है कि क्या वाकई धर्म के नाम पर कोई मां-बाप अपने बच्चों को बाबाओं के पास आशीर्वाद लेने भेज सकता है?

गौरतलब है कि पिछले कई सालों से दिल्ली के विजय विहार इलाके में आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के नाम से एक आश्रम चल रहा है. इस आश्रम का संचालक बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित अपने आपको कृष्ण का अवतार बताता है.

लेकिन, राजस्थान की रहने वाली एक नाबालिग लड़की के माता-पिता ने बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित पर अपनी बेटी के साथ बलात्कार करने का आरोप लगा कर लोगों को सकते में डाल दिया है. लेकिन पुलिस के ढुलमुल रवैये के कारण कुछ कार्रवाई नहीं हो सकी जिसके बाद पीड़ित परिवार ने एक एनजीओ की मदद ली.

पीड़ित परिवार की ओर से एक समाजसेविका ने करीब एक महीने से ज्यादा की कड़ी मशक्कत, भागदौड़ और बहुत कोशिशों के बाद दिल्ली हाईकोर्ट से निर्देश हासिल करने में कामयाबी पाई. हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत ही दिल्ली पुलिस को आश्रम में घुसकर जांच करने का निर्देश जारी कर दिया.

Delhi High Court

दिल्ली हाईकोर्ट

गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने बीते मंगलवार को ही निर्देश जारी किया था. बुधवार को हाईकोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस के आला अधिकारी पूरे दल-बल के साथ दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल और हाईकोर्ट की एक वकील के साथ  रेड करने के लिए आश्रम पहुंच गए.

लोगों ने कहा शारीरिक और मानसिक तौर पर करता है शोषण 

दिल्ली पुलिस की इस रेड में बाबा की एक सेविका और एक बुजुर्ग चौकीदार हिरासत में लिए गए. साथ ही आश्रम से कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए. दिल्ली पुलिस की रेड बुधवार शाम से लेकर रात 12 बजे तक चली थी. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यहां पर दीक्षा के नाम पर आश्रम चलाया जा रहा है, लेकिन दिल्ली पुलिस और महिला आयोग की छानबीन में कहीं कोई धार्मिक ग्रंथ नहीं मिला.

एक तरफ आश्रम की तरह से यह दावा किया जाता है कि बाबा की शरण में आने वाले महिला-पुरुषों को अाध्यात्म का ज्ञान देकर ईश्वर की प्राप्ति कराई जाती है. वहीं दूसरी तरफ इसी आश्रम में रह रहे कुछ अनुयायियों के परिजनों का आरोप है कि बाबा पूरी तरह से पाखंडी और ढोंगी है.

आश्रम में रह चुके कुछ लोगों का मानना है कि वीरेंद्र देव दीक्षित नाम का यह बाबा आध्यात्म का चोला पहनकर न सिर्फ ढोंग करता है बल्कि आश्रम में आने वाली युवती और महिलाओं का शारीरिक और मानसिक शोषण करता है. उसके प्रवचनों के दौरान भी विवादित बोल के वीडियो सोशल मीडिया में मौजूद हैं.

इलाके के लोग भी बाबा के बारे में अलग-अलग नजरिया रखते हैं. कुछ लोगों की बाबा आध्यात्मिक विश्वविद्यालय की आड़ में कई अनैतिक कामों में लिप्त था. वहीं कुछ बुजुर्ग महिलाओं का कहना है कि बाबा का वर्ताव ठीक-ठाक था.

मामला जो भी पर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस की रेड में बाबा के काले कारनामों की लंबी फेहरिस्त सामने आने के बाद शक और गहरा गया है. बाबा इस छापेमारी के बाद से ही गायब है. दिल्ली पुलिस की कई टीम फरार बाबा को खोज निकालने में लगी हुई है.

कोर्ट के आदेश से आश्रम की हुई जांच, मचा हड़कंप 

जिस तरह से हाईकोर्ट के आदेश के बाद आश्रम में हड़कंप मचा, वह भी अपने आप में ही अलग ही कहानी बयां कर रहा है. आश्रम में रेड करते हुए दिल्ली पुलिस को भी आश्रम के अंदर जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था.

गौरतलब है कि बाबा के शिष्य दिल्ली पुलिस और महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल को भी अंदर जाने नहीं दे रहे थे. दिल्ली पुलिस की दबिश के बाद आश्रम की तलाशी ली गई तो वहां पर काफी हैरान करने वाले आपत्तिजनक सामानों की बरामदगी शुरू हो गई.

पुलिस के सर्च ऑपरेशन में बाबा के अश्लील वीडियो और कई अश्लील किताबें बरामद की गई. अभी भी आश्रम के तीन भागों में तलाशी बची हुई है.

दिल्ली पुलिस को बाबा के बारे में जो जानकारी मिल रही है वह भी हैरान करने वाली है. मिली जानकारी के मुताबिक महिलाओं को दीक्षा देने के नाम पर नशीली दवा पिला कर यौन शोषण किया जाता था.

गौरतलब है कि बाबा के इस कथित आश्रम में उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, पं बंगाल और उड़ीसा जैसे राज्यों की लड़कियां रहती थीं. आश्रम के आस-पास रहने वाले लोगों से जब फर्स्टपोस्ट हिंदी ने बात की तो ज्यादातर लोगों का मानना था कि काफी दिनों से यह सबकुछ चल रहा था. लोगों का आरोप है कि दिल्ली पुलिस की भी इसमें मिलीभगत है. उनका कहना है कि दिल्ली पुलिस को भी पता है कि यहां पर बाबा के द्वारा गलत काम किया जाता है इसके बावजूद दिल्ली पुलिस कुछ नहीं कर पाई.

एक एनजीओ ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी कि इस आश्रम में महिलाओं को बंधक बना कर उनके साथ सैक्शुअल हैरसमेंट किया जाता है. हाईकोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए पिछले मंगलवार को ही दिल्ली पुलिस को आश्रम की जांच करने का निर्देश जारी किया था.

हाईकोर्ट ने निर्देश जारी करते हुए दिल्ली पुलिस से कहा था कि यह मामला भी राम रहीम और आसाराम बापू की तरह लगता है.

दीक्षा देने के नाम पर रखा जाता था लड़कियों को, होता था रेप 

हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने वाली एनजीओ की संचालिका ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘आश्रम में पिछले कई सालों से खासकर नाबालिग लड़कियों को दीक्षा देने के नाम पर लाया जाता था और बाद में उन बच्चियों को बहला-फुसलाकर रेप किया जाता है.

लड़कियों के परिवार वाले हर महीने आश्रम में पैसे भी भेजा करते थे. ताज्जुब की बात यह है कि लड़कियों के माता-पिता 10 रुपए के स्टैम्प पेपर पर रजामंदी का हलफनामा भी दाखिल करते थे, ताकि कल को अगर कुछ गलत बात सामने भी आएगी को आश्रम बेदाग साबित हो जाएगा.’

खास बात यह है कि जब आश्रम में रह रही लड़कियां 18 साल की हो जाती थीं तो बाबा के द्वारा दोबारा एक कागज पर उसके स्वेच्छा से रहने के सहमति पत्र पर भी दस्तखत करवाए जाते थे.

Swati Maliwal

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल ने मीडिया के सामने आ कर कहा, ‘देखिए यह आश्रम नहीं बाबा की छावनी है. महिलाओं के सोने की जगह पर भी बाबा की नजर रहती थी. यहां पर हर कदम पर मेटल गेट हैं और गेट पर ताले लगे रहते हैं. आप किसी भी फ्लोर पर जाएं तो आपको उस फ्लोर पर जाने के लिए ताला खुलवाना पड़ता है. एक आश्रम में इस तरह की व्यवस्था कहीं पर देखी है?’

दिल्ली हाईकोर्ट ने अब इस घटना की जांच सीबीआई को सौंप दी है. दिल्‍ली हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस गीता मित्‍तल की बेंच ने बृहस्पतिवार को सीबीआई निदेशक को निर्देश देते हुए कहा है कि तुरंत ही एसआईटी का गठन कर मामले की गहनता से जांच करें. राम रहीम और आसाराम के बाद अब एक और बाबा की काली करतूत की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई के पास आ गई है.

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