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एक के बाद एक घोटालों ने जांच एजेंसियों की नींद गायब कर दी है

सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा, केंद्रीय सतर्कता आयुक्त के वी चौधरी, पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों और ईडी प्रमुख करनैल सिंह के बीच लगातार मीटिंग हो रही है

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Feb 20, 2018 01:27 PM IST

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एक के बाद एक घोटालों ने जांच एजेंसियों की नींद गायब कर दी है

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) महाघोटाला और रोटोमैक कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी की करतूत ने भारतीय जांच एजेंसियों की नींद गायब कर दी है. देश की सभी प्रमुख जांच एजेंसियां इस दो बड़े घोटालों को लेकर आजकल खूब चर्चा में है. खासकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई के अधिकारी लगातार इस मामले को लेकर चर्चा में रह रहे हैं.

सीबीआई और ईडी दोनों घोटालों की जांच कई बिदुओं को केंद्र में रखकर कर रही है. विक्रम कोठारी के मामले में सीबीआई विभिन्न बैंकों के द्वारा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को कितना ऋण दिया जा सकता है और कितना दिया गया है, इस बिंदु पर जांच कर रही है, वहीं पीएनबी महाघोटाले में नीरव मोदी और बैंक के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत किस हद तक थी और अब तक कितना नुकसान हुआ है इस बिंदु पर जांच कर रही है.

दूसरी तरफ पंजाब नेशनल बैंक महाघोटाले का मास्टरमाइंड हीरा कारोबारी नीरव मोदी की हर रोज नई-नई कहानियां सामने आ रही हैं. इस बीच ऐसी खबर आ रही है कि नीरव मोदी दुबई में छुपा हुआ हो सकता है. नीरव मोदी के दुबई कनेक्शन को लेकर भारतीय जांच एजेंसियों ने एक विशेष प्लान तैयार किया है.

नीरव मोदी ने बैंक को लिखा खत

एक तरफ भारतीय जांच एजेंसियां सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग नीरव मोदी पर शिकंजा कस रही है वहीं दूसरी तरफ नीरव मोदी ने भी भारतीय जांच एजेंसियों को आंख दिखाना शुरू कर दिया है. बैंक से हजारों करोड़ रुपए डाका डालने के बाद नीरव मोदी ने पीएनबी बैंक को धमकी भरे अंदाज में खत भी लिखा है.

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देश को हजारों करोड़ रुपए चूना लगाने के बाद नीरव मोदी ने बैंक को लिखी एक चिट्ठी में कहा, ‘बैंक के बकाया वसूली में दिखाई गई हड़बड़ी से मेरी कंपनी और ब्रांड की साख को धक्का पहुंचा है. बैंक ने ऐसा करके कर्ज वापसी के सभी रास्ते बंद कर लिए हैं.'

चिट्ठी में नीरव मोदी ने आगे लिखा है, 'बैंक प्रबंधन में मेरे 13-15 फरवरी को दिए गए कर्ज वापसी के प्रस्ताव के बावजूद इसमें काफी हड़बड़ी दिखाई और मामला सार्वजनिक कर दिया जिससे उनकी कारोबारी क्षमता पर काफी असर पड़ा है.'

11 हजार 400 करोड़ के फ्रॉड का आरोपी नीरव मोदी ने कहा, 'उस पर बैंक का 5 हजार करोड़ रुपए से कम बकाया है. छापेमारी में उसके समूह की 5 हजार 600 करोड़ से अधिक की संपत्तियों को जब्त कर लिया गया है. इस रकम से बैंक का बकाया चुकाया जा सकता है इसलिए अब बैंक को पैसे वापस लौटाने की बात खत्म हो गई है.'

गौरतलब है कि नीरव मोदी पर पीएनबी बैंक के कर्मचारियों की मिलीभगत से 11 हजार 400 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप है. मीडिया रिपोर्ट्स में नीरव मोदी ने कहा कि इस मामले में उसकी पत्नी, मामा मेहुल चौकसे और भाई को बेवजह घसीटा जा रहा है. इन सभी का मेरे कारोबार से कोई लेना-देना नहीं है.

nirav modi

पीएनबी और रोटोमैक घोटाले में उलझीं जांच एजेंसियां

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही पीएनबी महाघोटाला सामने आने के बाद से ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स समेत कई जांच एजेंसियां लगातार नीरव मोदी के ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं. अब तक देश के अलग-अलग हिस्सों से 5 हजार 600 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं.

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बड़ी बात यह है कि पिछले कुछ दिनों से भारतीय जांच एजेसियां लगातार छापेमारी कर रही है. हर रोज छापेमारी चल रही है. पिछले चार-पांच दिनों में मुंबई, दिल्ली, सूरत, पुणे सहित 100 ठिकानों पर छापेमारी की गई है.

इस छापेमारी में हीरा कारोबारी नीरव मोदी के संपत्तियों को ताबड़तोड़ जब्त किया जा रहा है. सोमवार को भी नीरव मोदी की मुंबई स्थित ब्रैडी हाउस शाखा को सीबीआई ने सील कर दिया है. ईडी ने इस मामले में अब तक 5 हजार 674 रुपए करोड़ रुपए के हीरे, सोने की जेवर और बेशकीमती जवाहरात जब्त किए हैं. साथ ही नीरव मोदी की सहयोगी कंपनी गीतांजिल जेम्स और उसके मालिक मेहुल चोकसी और अन्य के कई बैंक खातों को सील कर दिया है.

Nirav Modi-PNB fraud case

नीरव मोदी और उनके परिवार से जुड़े लगभग 40 संपत्तियों को अब तक कुर्क किया जा चुका है. नीरव मोदी की स्वामित्व वाली कंपनियों के 100 से अधिक बैंक खातों से लेन-देन पर रोक लगा दिया गया है.

वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाली प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) की जिम्मेदारी लगातार बढ़ती जा रही है. ईडी के पास अचानक ही रोटोमैक बैंक स्कैम के 3 हजार 695 करोड़ और पीएनबी बैंक के 11 हजार 400 करोड़ रुपए घोटाले की जांच की जिम्मेदारी आ गई है.

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देश में हो रहे एक के बाद एक बैंक घोटाले ने भारतीय जांच एजेंसियों के प्रमुखों की नींद भी गायब कर दी है. सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा, केंद्रीय सतर्कता आयुक्त केवी चौधरी, पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों और ईडी प्रमुख करनैल सिंह के बीच लगातार मीटिंग हो रही है.

कुल मिलाकर देश में लगातार हो रहे बैंक घोटालों ने पीएम मोदी के उन दावों की हवा निकाल दी है, जिसमें अक्सर वे भ्रष्टाचारियों के बारे में कहा करते थे ‘न खाएंगे और न खाने देंगे’.

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