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PNB घोटाला: नीरव मोदी ने बैंक अधिकारियों को रिश्वत में बांटे थे सोने और हीरों के गहने

बैंक अधिकारी यशवंत जोशी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने नीरव मोदी से 60 ग्राम के दो सोने के सिक्के, सोने और हीरे जड़ित दो इयरिंग ली थीं

FP Staff Updated On: Mar 04, 2018 12:20 PM IST

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PNB घोटाला: नीरव मोदी ने बैंक अधिकारियों को रिश्वत में बांटे थे सोने और हीरों के गहने

पीएन घोटाले में लगातार हो रहे खुलासों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. 12,600 करोड़ रुपयों के इस फ्रॉड में अब एक नया खुलासा हुआ है. सीबीआई को पूछताछ के दौरान पता चला है कि नीरव मोदी ने अपना काम निकलवाने के लिए बैंक अधिकारियों को बड़े पैमाने पर रिश्वत दी.

सीबीआई ने शनिवार को कोर्ट को बताया कि पीएनबी के मुंबई ब्रांच के फॉरेक्स डिपार्टमेंट में तैनात अधिकारी यशवंत जोशी ने नीरव मोदी से सोने और हीरे के आभूषण लिए.

यशवंत जोशी ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उन्होंने नीरव मोदी से 60 ग्राम के दो सोने के सिक्के और सोने और हीरे की दो इयरिंग ली थीं.

14 लोग हिरासत में

देश के बैंकिंग इतिहास के इस सबसे बड़े घोटाले में सीबीआई ने अब तक 14 लोगों को हिरासत में लिया है. वहीं गीतांजलि जेम्स लिमिटेड के मालिक नीरव मोदी और मेहुल चोकसी यह धोखाधड़ी उजागर होने से पहले देश छोड़कर फरार हो गए थे. हालांकि बाद में दोनों ने अपने लिखे पत्र में खुद को निर्दोष बताया है.

विदेश विभाग ने बाद में कार्रवाई करते हुए दोनों के पासपोर्ट को रद्द कर दिया.

देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के इस मामले में दो निचले स्तर के अधिकारियों को धोखाधड़ी का आरोपी बनाया गया था. ये अधिकारी ब्रैडी हाउस ब्रांच से थे, जिन्होंने बैंक के मुख्य सर्वर में एंट्री किए बिना 'लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू)' जारी कर दिया था, ताकि बैंक की नजर में यह मामला न आ सके. हालांकि सीबीआई ने अपनी जांच के दौरान कई अन्य लोगों के साथ बैंक के ब्रैडी हाउस ब्रांच के दो ऑडिटर्स को भी गिरफ्तार किया.

इस मामले में जांच एजेंसियां नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की तलाश में जुटी हैं. हालांकि अभी तक उनके ठौर-ठिकानों का निश्चित रूप से कुछ पता नहीं चल पाया है. प्रवर्तन निदेशालय का अनुमान है कि नीरव मोदी इस समय हांग कांग में है. एजेंसी ने पहले ही मोदी और चोकसी की कई संपत्तियों को ज़ब्त कर लिया है, ताकि बैंक के क्षतिपूर्ति की जा सके.

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया व इलाहाबाद बैंक ने भी पीएनबी के 'लेटर ऑफ अंडरटेकिंग' के आधार पर लोन दिया था, जिसके बारे में बाद में पता चला कि ये भी धोखाधड़ी ही थी.

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