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नीरव मोदी ने लिखा पत्र- देनदारी का ब्योरा गलत तरीके से पेश किया गया

पत्र में कहा गया है कि गलत तरीके से पेश की गई देनदारियों को लेकर मीडिया ने हंगामा खड़ा कर दिया

Bhasha Updated On: Feb 22, 2018 07:51 PM IST

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नीरव मोदी ने लिखा पत्र- देनदारी का ब्योरा गलत तरीके से पेश किया गया

घोटाले से आहत सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक ने हीरा कारोबारी नीरव मोदी को बकाये के भुगतान के लिए एक पुख्ता तथा क्रियान्वयन योग्य योजना के साथ आने को कहा है. रिपोर्ट के मुताबिक पीएनबी में हुए 11,400 करोड़ रुपए के घोटाले का सूत्रधार यही नीरव मोदी है. बैंक की मुंबई शाखा द्वारा धोखाधड़ी से जारी साख पत्रों (एलओयू) के आधार पर अन्य बैंकों की विदेशी शाखाओं से कर्ज लेकर यह धोखाधड़ी की गई है.

पीएनबी ने नीरव मोदी के एक ईमेल के जवाब में उनसे कर्ज चुकाने की ठोस योजना के साथ आने की यह बात कही है. सूत्रों ने बताया कि पीएनबी के महाप्रबंधक (अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग विभाग) अश्विनी वत्स ने नीरव मोदी को उसके मेल का जवाब भेजा है. उसमें कहा गया है, ‘आप गैरकानूनी और अनधिकृत तरीके से कुछ बैंक अधिकारियों के जरिए एलओयू हासिल कर रहे थे. किसी भी समय हमारे बैंक द्वारा आपकी तीन भागीदार कंपनियों को यह सुविधा नहीं दी गई थी.’

नीरव मोदी की गैरकानूनी गतिविधियां सामने आने के बाद बैंक ने इसकी जानकारी विधि जांच एजेंसियों को दी, क्योंकि इसमें जाहिर तौर पर फेमा और मनी लांड्रिंग निरोधक कानूनों का उल्लंघन हुआ है. बैंक की ओर से नीरव मोदी को दिए गए जवाब में कहा गया है, ‘आपने कुल देनदारी नक्की करने की जो प्रतिबद्धता व्यक्त की है उसके साथ शुरुआती रकम या कोई समयबद्ध योजना पेश नहीं की गई है. यदि आपके पास कोई पुख्ता तथा क्रियान्वयन योग्य योजना है, तो इसका ब्योरा दें.’

इससे पहले पीएनबी को भेजे पत्र में नीरव मोदी ने कहा था कि बैंक ने इस मामले से निपटने में जरूरत से ज्यादा हड़बड़ी दिखाई जिससे उसका ज्वेलरी ब्रांड पूरी तरह नष्ट हो गया और साथ ही उसकी बकाया चुकाने की क्षमता भी संकट में पड़ गयी.

पत्र में कहा गया है कि गलत तरीके से पेश की गई देनदारियों को लेकर मीडिया ने हंगामा खड़ा कर दिया और इसके चलते तुरंत की छापेमारी और जब्ती की कार्रवाई शुरू हो गई. इसका परिणाम यह हुआ कि फायरस्टार इंटरनेशनल और फायरस्टार डायमंड इंटरनेशनल (उसके आभूषण कारोबार समूह की कंपनियां) अब चलने की हालत में नहीं रह गई हैं. इससे बैंकों के समूहों को उनके बकाये के भुगतान की हमारी क्षमता संकट में पड़ गयी है.

मोदी ने पत्र में कहा, ‘तत्काल अपने बकाये की वसूली के उत्साह में 13 फरवरी को मेरी पेशकश के एक दिन बाद इस मामले को सार्वजनिक कर दिया गया और 15 फरवरी को आपकी ओर जो भी गतिविधियां की गईं उससे मेरा ब्रांड और कारोबार चौपट हो गया.’

इस 11,400 करोड़ रुपए के घोटाले में मोदी की जांच प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई सहित विभिन्न जांच एजेंसियां कर रही हैं.

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