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महाघोटाले पर चौंकिए मत, PNB को 2016-17 में मिल चुका है 'विजिलेंस एक्सीलेंस अवॉर्ड'

जिस दौर में पंजाब नेशनल बैंक को सतर्कता के लिए एक्सीलेंस अवॉर्ड दिया गया, उसी दौर में, उसी बैंक में बैंकिंग इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला पनप रहा था

Updated On: Feb 18, 2018 12:17 PM IST

FP Staff

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महाघोटाले पर चौंकिए मत, PNB को 2016-17 में मिल चुका है 'विजिलेंस एक्सीलेंस अवॉर्ड'

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) इस वक्त काफी सुर्खियों में है. इसके एक घोटाले ने पूरे बैंकिंग सिस्टम को हिला कर रख दिया है. अभी तक यह घोटाला 11,400 करोड़ रुपए का लग रहा है लेकिन सामने आ रही रिपोर्ट्स इससे कई गुना ज्यादा होने की संभावना रही हैं. दिलचस्प बात यह है कि जिस सरकारी बैंक में इतना बड़ा घपला हुआ, उसी बैंक को पिछले साल 'विजिलेंस एक्सीलेंस अवॉर्ड' मिल चुका है.

sarkarimirror.com के मुताबिक, पंजाब नेशनल बैंक को 2016-17 का विजिलेंस अवॉर्ड मिला था. जिसे बैंक के चीफ विजिलेंस अफसर (सीवीओ) एसके नागपाल ने प्राप्त किया था. सेंट्रल विजिलेंस कमिश्नर के वी चौधरी ने नागपाल को इस सम्मान से नवाजा था. जिस दौर में पीएनबी को सतर्कता के लिए एक्सीलेंस अवॉर्ड से नवाजा गया, उसी दौर में, देश के इस दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक में बैंकिंग इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला पनप रहा था.

जिस दौर में अवॉर्ड, उसी दौर में घोटाला

पीएनबी घोटाले का मास्टरमाइंड नीरव मोदी फिलहाल जांच एजेंसियों की पकड़ से बाहर है. हालांकि उसके ठिकानों पर लगातार छापेमारी चल रही है. आंकड़े बताते हैं कि एक्सीलेंस अवॉर्ड मिलने के साल भर के अंदर ही 11,400 करोड़ का गड़बड़झाला सामने आ गया. सीबीआई की जांच फिलहाल 2017-18 के बीच हुए लेनदेन तक सीमित है. अगर जांच 2011 से शुरू हो तो घोटाले की रकम 11,400 करोड़ रुपए से कहीं ज्यादा हो सकती है.

करप्शन के खिलाफ विजिलेंस अवॉर्ड

पीएनबी को विजिलेंस एक्सीलेंस अवॉर्ड कई पहलों को देखते हुए दिया गया था. इनमें सबसे अहम है भ्रष्टाचार के खिलाफ पीएनबी की मुहिम. अवॉर्ड कमेटी ने रिजर्व बैंक और सीवीसी के कई मानदंडों पर पीएनबी को खरा पाते हुए सतर्कता का यह उच्च सम्मान जारी किया था. तब के अपने संबोधन में सीवीसी के वी चौधरी ने गुड गवर्नेंस और नैतिकता पर काफी जोर दिया था. लेकिन घोटाले की हालिया घटना इन सारे मानदंडों को दरकिनार करती साबित हुई है.

अवॉर्ड के बाद घोटाले की जांच

घोटाले के मास्टरमाइंड मामा-भांजा की जोड़ी मेहुल चौकसी और नीरव मोदी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), सीबीआई और आयकर विभाग के बाद अब सीवीसी ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है. सीवीसी ने इस मामले में पूछताछ के पीएनबी के आला प्रबंधन और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों को तलब किया है.

सरकार से जुड़े भ्रष्टचार के मामलों की जांच के लिए बनी सीवीसी के सामने वित्त मंत्रालय और पीएनबी के आला अधिकारी 19 फरवरी को पेश होंगे. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार पीएनबी के एमडी और सीईओ सुनील मेहता सोमवार को सुबह 11 बजे सीवीसी के सामने पेश होंगे.

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