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PNB स्कैमः 250 करोड़ रुपए से अधिक लोन लेनेवालों पर विशेष निगरानी

राज्य के स्वामित्व वाली बैंक अब 250 करोड़ रुपए से ऊपर के सभी ऋणों के लिए एक विशेष प्रतिनिधि या एजेंसी की नियुक्ति करेंगे

Updated On: Feb 23, 2018 05:08 PM IST

FP Staff

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PNB स्कैमः 250 करोड़ रुपए से अधिक लोन लेनेवालों पर विशेष निगरानी

वित्त मंत्रालय अब जाग रहा है. उसने निर्देश दिया है कि राज्य के स्वामित्व वाली बैंक अब 250 करोड़ रुपए से ऊपर के सभी ऋणों के लिए एक विशेष प्रतिनिधि या एजेंसी की नियुक्ति करेंगे. इसके साथ ही कर्ज लेनेवालों को सात बैंकों से अधिक नहीं से लोन नहीं मिल सकता है.

11,300 करोड़ रुपए के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी के मद्देनजर मंत्रालय ने शुक्रवार को कुछ एक्शन लिए. उसने हांगकांग स्थित चार भारतीय बैंकों के शाखाओं को पत्र लिखा है. जिसमें कहा गया है कि वे पीएनबी के खातों से हुई अनियमितताओं की जांच करेंगे.

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक ये चार बैंक हैं- एसबीआई, एक्सिस बैंक, इलाहाबाद बैंक और बैंक ऑफ इंडिया. इन्हें पीएनबी की मुंबई शाखा की ओर से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) जारी किए गए थे.

किसी खाते के साथ मेल खाते में यह पुष्टि की जाती है कि खाता छोड़ने वाला पैसा खर्च किए गए राशि से मेल खाता है या नहीं.

वित्त मंत्री ने ऑडिटरों की क्षमता पर भी उठाया था सवाल 

जानकारी के मुताबिक रोटोमैक लोन डिफॉल्ट मामले में, कंपनी के प्रमोटर विक्रम कोठारी ने 3,695 करोड़ रुपए के 7 बैंकों के कंसोर्टियम को धोखा दिया है.

घोटाले की वजह से ये प्रभावी उपाय वित्त मंत्रालय की ओर से किए गए हैं. इधर घोटालों के आरोपियों पर सीबीआई, ईडी, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की टीम जांच में जुट चुकी है.

इससे पहले सप्ताह में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लेखा परीक्षकों और पर्यवेक्षी एजेंसियों पर दबाव डाला था और उन्हें वित्तीय अपराधों के मामलों से बचने के लिए 'आत्ममंथन' करने के लिए कहा था.

उन्होंने सवाल उठाया था कि 'ऑडिटर क्या कर रहे थे? अगर दोनों इंटरनल और एक्सटर्नल ऑडिटर पता लगाने में असफल रहे हैं, तो मुझे लगता है कि सीए पेशेवरों को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए. उन्हें सोचना चाहिए इसके अलावे और क्या उपाय हो सकते थे.'

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