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'मन की बात' के 50वें एपिसोड में PM मोदी ने रेडियो की सुनाई कहानी, ये हैं 10 मुख्य बातें

पीएम मोदी ने कहा कि रेडियो जन-जन से जुड़ा होता है और रेडियो की बहुत बड़ी ताकत होती है

Updated On: Nov 25, 2018 12:46 PM IST

FP Staff

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'मन की बात' के 50वें एपिसोड में PM मोदी ने रेडियो की सुनाई कहानी, ये हैं 10 मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 50वीं बार देशवासियों से अपने 'मन की बात' की. इस खास एपिसोड के प्रसारण के दौरान उन्होंने रेडियो को लेकर कई बातें कहीं और लोगों से अपनी एक छोटी सी कहानी शेयर की. पीएम मोदी ने कहा कि रेडियो जन-जन से जुड़ा होता है और रेडियो की बहुत बड़ी ताकत होती है. पीएम ने बताया- ये 1998 की बात है, मैं भारतीय जनता पार्टी के संगठन के कार्यकर्ता के रूप में हिमाचल में काम करता था. मई का महीना था और मैं शाम के समय घूमते हुए किसी और स्थान पर जा रहा था.

हिमाचल की पहाड़ियों में शाम को ठंड तो हो ही जाती है, तो रास्ते में एक ढाबे पर चाय के लिए रुका. वह बहुत छोटा सा ढाबा था, एक ही व्यक्ति खुद चाय बनाता था, बेचता था. ऊपर कपड़ा भी नहीं था ऐसे ही सड़क के किनारे पर छोटा सा ठेला लगा के खड़ा था. उसके पास एक शीशे का बर्तन था, उसमें से लड्डू निकाला, पहले बोला- साहब, चाय बाद में, लड्डू खाइए, मुंह मीठा कीजिए. मैं भी हैरान हो गया तो मैंने पूछा क्या बात है कोई घर में कोई शादी-वादी कोई प्रसंग-वसंग है क्या. उसने कहा नहीं-नहीं भाईसाहब, आपको मालूम नहीं क्या. अरे बहुत बड़ी खुशी की बात है वो ऐसा उछल रहा था, ऐसा उमंग से भरा हुआ था, तो मैंने कहा क्या हुआ.

पीएम ने आगे कहा- आज भारत ने बम फोड़ दिया है. मैंने कहा भारत ने बम फोड़ दिया है. मैं कुछ समझा नहीं. तो उसने कहा- देखिए साहब, रेडियो सुनिए. तो रेडियो पर उसी की चर्चा चल रही थी. मुझे बड़ा ही आश्चर्य हुआ कि इस जंगल के सुनसान इलाके में, बर्फीली पहाड़ियों के बीच, एक सामान्य इंसान जो चाय का ठेला लेकर अपना काम कर रहा है और दिनभर रेडियो सुनता रहता होगा और उस रेडियो की खबर का उसके मन पर इतना असर था, इतना प्रभाव था.

पीएम मोदी की मन की बात की 10 अहम बातें-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- मोदी आएगा और चला जाएगा, लेकिन यह देश अटल रहेगा, हमारी संस्कृति अमर रहेगी. 130 करोड़ देशवासियों की छोटी-छोटी यह कहानियां हमेशा जीवित रखेंगी. पएम ने कहा- हाल ही में आकाशवाणी ने ‘मन की बात' पर सर्वे भी कराया. जिन लोगों के बीच सर्वे किया गया है, उनमें से औसतन 70% नियमित रूप से ‘मन की बात' सुनने वाले लोग हैं.

नरेंद्र मोदी ने कहा- #indiapositive को लेकर व्यापक चर्चा भी हुई है. ये हमारे देशवासियों के मन में बसी पॉजिटिविटी की भावना की, सकारात्मकता की भावना की भी झलक है. लोगों ने अपना ये अनुभव भी शेयर किया है कि ‘मन की बात' से volunteerism यानी स्वेच्छा से कुछ करने की भावना भी बढ़ी है.

उन्होंने कहा- मुझे यह देखकर के खुशी हुई कि मन की बात के कारण रेडियो, और अधिक लोकप्रिय हो रहा है. लोग टीवी, एफएम रेडियो, मोबाइल, इन्टरनेट, फेसबुक लाइव, और periscope के साथ-साथ NarendraModiApp के माध्यम से भी मन की बात में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं.

पीएम मोदी ने कहा- इस देश को नई प्रेरणा उत्साह से नई ऊंचाइयों पर लेती जाती रहेंगी. भारत का मूल-प्राण राजनीति नहीं है, भारत का मूल-प्राण राजशक्ति भी नहीं है. भारत का मूल-प्राण समाजनीति है और समाज-शक्ति है.

पीएम ने कहा- कभी-कभी 'मन की बात का मजाक भी उड़ता है लेकिन मेरे मन में हमेशा ही 130 करोड़ देशवासी बसे रहते हैं. उनका मन मेरा मन है. मन की बात सरकारी बात नहीं है, यह समाज की बात है.

पीएम ने कहा- कब किसी सरकार की इतनी ताकत होगी कि #selfiewithdaughter की मुहिम हरियाणा के एक छोटे से गांव से शुरू होकर पूरे देश में ही नहीं, विदेशों में भी फैल जाए. समाज का हर वर्ग, सेलेब्रिटिज सब जुड़ जाएं और समाज में सोच-परिवर्तन की एक नई आधुनिक भाषा में, जिसे आज की पीढ़ी समझती हो ऐसी अलख जगा जाए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- हमें लगता है आज के युवा बहुत महत्वाकांक्षी हैं और बहुत बड़ी-बड़ी चीजें सोचते हैं. अच्छा है, बड़े सपने देखें और बड़ी सफलताओं को हासिल करें. आखिर, यही तो न्यू इंडिया है. अगर हम युवाओं के विचारों को धरातल पर उतार दें और उन्हें अभिव्यक्त करने के लिए खुला वातावरण दें तो वह देश में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं.

पीएम ने कहा- समाज जीवन के हजारों पहलू होते हैं उनमें से एक पहलू राजनीति भी है. राजनीति सबकुछ हो जाए, यह स्वस्थ समाज के लिए एक अच्छी व्यवस्था नहीं है. भारत जैसे देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए जन-सामान्य की प्रतिभाएं पुरुषार्थ को उचित स्थान मिले, यह हम सबका एक सामूहिक दायित्व है और मन की बात इस दिशा में एक नम्र और छोटा सा प्रयास है.

नरेंद्र मोदी ने कहा- सच पूछो तो मन की बात में आवाज मेरी है, लेकिन उदाहरण, भावनाएं और आत्मा मेरे देशवासियों के ही है. मैं मन की बात में योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति को धन्यवाद देना चाहता हूं. मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी की बातें पहले से कई गुना ज्यादा मुझे मिलेंगी और मन की बात को, और रोचक और प्रभावी और उपयोगी बनाएगी.

पीएम मोदी ने कहा- संविधान सभा के बारे में बात करते हुए बाबा साहेब का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता है.

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