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पीएम मोदी ने की साल 2018 की अंतिम 'मन की बात', ये हैं कार्यक्रम की 10 प्रमुख बातें

मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- साल 2018 खत्म होने वाला है और हम 2019 में प्रवेश करने वाले हैं, स्वाभाविक रूप से ऐसे में बीते वर्ष की बातें चर्चा में रहती हैं, साथ ही आने वाले वर्ष के संकल्प की भी चर्चा सुनाई देती है

Updated On: Dec 30, 2018 12:13 PM IST

FP Staff

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पीएम मोदी ने की साल 2018 की अंतिम 'मन की बात', ये हैं कार्यक्रम की 10 प्रमुख बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार यानी आज अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिए देशवासियों को संबोधित किया. यह उनके इस रेडियो कार्यक्रम का 51वां और साल 2018 का आखिरी संस्‍करण था. इस कार्यक्रम में उन्होंने साल भर में देश में हुई सफलताओं के बारे में लोगों के साथ चर्चा की और कई नई बाते बताईं. साथ 2019 को कैसे सफल बनाया जाए उस पर चर्चा की. आइए जानते हैं उनकी मन की बात कार्यक्रम के आज संस्करण की प्रमुख 10 बातें-

मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- साल 2018 खत्म होने वाला है और हम 2019 में प्रवेश करने वाले हैं. स्वाभाविक रूप से ऐसे में बीते वर्ष की बातें चर्चा में रहती हैं, साथ ही आने वाले वर्ष के संकल्प की भी चर्चा सुनाई देती है. हम ऐसा क्या करें जिससे अपने स्वयं के जीवन में बदलाव ला सकें और साथ-ही-साथ देश और समाज को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे सकें. पीएम ने कहा- आप सभी ने सोचा होगा कि 2018 को कैसे याद रखा जाए. 2018 को भारत एक देश के रूप में, अपनी एक सौ तीस करोड़ की जनता के सामर्थ्य के रूप में, कैसे याद रखेगा, यह याद करना भी महत्वपूर्ण है. हम सब को गौरव से भर देने वाला है.

2018 में, विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना ‘आयुष्मान भारत’ की शुरुआत हुई. देश के हर गांव तक बिजली पहुंच गई. विश्व की गणमान्य संस्थाओं ने माना है कि भारत रिकार्ड गति के साथ, देश को गरीबी से मुक्ति दिला रहा है. देशवासियों के अडिग संकल्प से स्वच्छता कवरेज बढ़कर 95% को पार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.आजादी के बाद लाल-किले से पहली बार, आज़ाद हिन्द सरकार की 75वीं वर्षगांठ पर तिरंगा फहराया गया.

सरदार वल्लभभाई पटेल के सम्मान में विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘Statue of Unity’ देश को मिली. देश को संयुक्त राष्ट्र का सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार #ChampionsOfEarthawards से सम्मानित किया गया. सौर ऊर्जा और climate change में भारत के प्रयासों को विश्व में स्थान मिला. देश के self defence को नई मजबूती मिली है. इसी वर्ष हमारे देश ने सफलतापूर्वक Nuclear Triad को पूरा किया, यानी अब हम जल, थल और नभ-तीनों में परमाणु शक्ति संपन्न हो गए है.

इस दिसंबर में हमने कुछ असाधारण देशवासियों को खो दिया, 19 दिसंबर को चेन्नई के डॉ जयाचंद्रन का निधन हो गया. उनको प्यार से लोग ‘मक्कल मारुथुवर’ कहते थे क्योंकि वे जनता के दिल में बसे थे. डॉ जयाचंद्रन गरीबों को सस्ते-से-सस्ता इलाज उपलब्ध कराने के लिए जाने जाते थे. बिजनौर के Heart Lungs Critical Centre की ओर से हर महीने ऐसे मेडिकल कैंप लगाए जाते हैं जहां कई तरह की बीमारियों की मुफ्त इलाज होता है. हर महीने सैकड़ों गरीब मरीज इस कैंप से लाभान्वित हो रहे हैं. निस्वार्थ भाव से सेवा में जुटे इन डॉक्टर्स का उत्साह तारीफ के काबिल है.

पीएम मोदी ने कहा- क्या हम एक काम कर सकते हैं - http://thebetterindia.com , http://thepositiveindia.com , http://yourstory.com एवं http://samskritabharati.in जैसी website के बारे में आपस में share करें और Positivity को मिलकर viral करें. नेगेटिविटी फैलाना काफी आसान होता है, लेकिन, हमारे समाज में, हमारे आसपास बहुत कुछ अच्छे काम हो रहे हैं और ये सब 130 करोड़ भारतवासियों के सामूहिक प्रयासों से हो रहा है.

12 साल की हनाया निसार ने कोरिया में कराटे चैम्पीयन्शिप में स्वर्ण पदक जीता. वह कश्मीर के अनंतनाग में रहती है. उन्होनें मेहनत और लगन से कराटे का अभ्यास किया, उसकी बारीकियों को जाना और स्वयं को साबित करके दिखाया. हनाया को ढ़ेर सारी शुभकामनाएं और आशीर्वाद. पुणे की 20 वर्षीय वेदांगी कुलकर्णी दुनिया की सबसे तेज साइकिल चलाने वाली एशियाई महिला बन गई हैं. 159 दिनों तक, वह प्रत्येक दिन 300 किमी साइकिल चलाती थी. साइकिल चलाने का उनका जुनून सराहनीय है. 16 साल की रजनी ने Junior महिला मुक्केबाजी चैंपिनयनशिप में गोल्ड मेडल जीता. अगर संकल्प में सामर्थ्य है, हौसले बुलंद हैं तो रुकावटें खुद ही रुक जाती हैं. कठिनाइयां कभी रुकावट नहीं बन सकती हैं. अनेक ऐसे उदाहरण जब हम सुनते हैं तो हमें भी अपने जीवन में प्रतिपल एक नई प्रेरणा मिलती है.

जनवरी में कई सारे त्योहार आने वाले हैं जैसे लोहड़ी, पोंगल, मकर संक्रान्ति, उत्तरायण, माघ बिहू आदि. इन त्योहारों के अवसर पर भारत में पारंपरिक नृत्यों का रंग दिखेगा, फसल तैयार होने की खुशी में लोहड़ी जलाई जाएगी, आसमान में रंग-बिरंगी पतंगे उड़ती हुई दिखेंगी. विविधता में एकता-एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना की महक हमारे त्योहार अपने में समेटे हुए हैं.

प्रयागराज में 15 जनवरी से कुंभ मेला शुरू हो रहा है. कुंभ विशाल होने के साथ-साथ दिव्य भी है. यूनेस्को ने पिछले साल मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में कुंभ को सूचीबद्ध किया है. कुंभ मेले में आस्था और श्रद्धा का जन-सागर उमड़ता है. एक साथ एक जगह पर देश-विदेश के लाखों करोड़ों लोग जुड़ते हैं. कुंभ की परम्परा हमारी महान सांस्कृतिक विरासत से पुष्पित और पल्लवित हुई है. इस बार श्रद्धालु संगम में पवित्र स्नान के बाद अक्षयवट के पुण्य दर्शन भी कर सकेगा. लोगों की आस्था का प्रतीक यह अक्षयवट सैकड़ों वर्षों से किले में बंद था, जिससे श्रद्धालु चाहकर भी इसके दर्शन नहीं कर पाते थे. अब अक्षयवट का द्वार सबके लिए खोल दिया गया है. मेरा आप सब से आग्रह है कि जब आप कुंभ जाएं तो कुंभ के अलग-अलग पहलू और तस्वीरें सोशल मीडिया पर अवश्य शेयर करें ताकि अधिक-से-अधिक लोगों को कुंभ में जाने की प्रेरणा मिले.

जनवरी के गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर हम देशवासियों के मन में बहुत ही उत्सुकता रहती है. उस दिन हम अपनी उन महान विभूतियों को याद करते हैं, जिन्होंने हमें हमारा संविधान दिया. कुछ दिन पहले गुजरात के नर्मदा के तट पर केवड़िया में DGP conference हुई, जहां पर दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘Statue of Unity’ है, वहां देश के शीर्ष पुलिसकर्मियों के साथ सार्थक चर्चा हुई. इस वर्ष हम बापू की 150 जयंती मना रहे हैं और इस बार गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति श्री सिरिल रामाफोसा है, हमारे लिए यह गर्व की बात है क्योंकि पूज्य बापू व दक्षिण अफ्रीका का एक अटूट संबंध रहा है.

सरदार पटेल ने अपना पूरा जीवन देश की एकता के लिए समर्पित कर दिया. वे हमेशा भारत की अखंडता को अक्षुण्ण रखने में जुटे रहे. सरदार पटेल जी की उस भावना का सम्मान करते हुए एकता के इस पुरस्कार के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. सरदार पटेल पुरस्कार उनको दिया जाएगा, जिन्होंने किसी भी रूप में राष्ट्रीय एकता के लिए अपना योगदान दिया हो एवं एकता के इस पुरस्कार के माध्यम से हम उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. 13 जनवरी को गुरु गोबिंद सिंह जी की जयन्ती का पावन पर्व है.  एक तरह से कहा जाए तो पूरे भारतवर्ष को उनका आशीर्वाद प्राप्त हुआ. उनके जीवन-काल को देखें तो उसमें पूरे भारत की झलक मिलती है.

FSSAI यानी Food Safety and Standard Authority of India, Safe और Healthy Diet Habits खाने की अच्छी आदतों को बढ़ावा देने में जुटा है. #EatRightIndia अभियान के अंदर देश भर में स्वस्थ भारत यात्राएं निकाली जा रही हैं. ये अभियान 27 जनवरी तक चलेगा. 2018 का ये अंतिम कार्यक्रम है, साल 2019 में हम फिर से मिलेंगे. आइए नई प्रेरणा, नई उमंग, नया संकल्प, नई सिद्धि, नयी ऊंचाई - आगे चलें, बढ़ते चलें, खुद भी बदलें, देश को भी बदलें.

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