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पीएम मोदी ने देश के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को जोर का झटका धीरे से दिया

पीएम मोदी भाषण के दौरान चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को समझाते, चेतावनी देते और फिर सही रास्ते पर आने की हिदायत भी देते दिखे

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Jul 01, 2017 09:58 PM IST

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पीएम मोदी ने देश के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को जोर का झटका धीरे से दिया

पीएम मोदी ने शनिवार को चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के एक कार्यक्रम में नोटबंदी के बाद सीए के रोल पर सवाल खड़े किए हैं. पीएम मोदी भाषण के दौरान चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को समझाते, चेतावनी देते और फिर सही रास्ते पर आने की हिदायत भी देते दिखे.

देश के लाखों चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) और लाख रजिस्टर्ड कंपनियां आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के राडार पर हैं. आयकर विभाग ने पिछले महीने ही देश में रजिस्टर्ड 2 लाख कंपनियों को रिटर्न फाइल नहीं करने पर नोटिस जारी किया था.

11 सालों में सिर्फ 25 चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को ही सजा मिली 

देश में 9 लाख कंपनियां सरकार को अपने सालाना कारोबार की कोई जानकारी नहीं देती है. देश में इस वक्त 15 लाख कंपनियां रजिस्टर्ड हैं, पर सिर्फ 6 लाख ही ऐसी कंपनियां है जो अपना टैक्स रिटर्न फाइल करती हैं.

इन 6 लाख में से 3 लाख कंपनियां ऐसी हैं जो अपनी सालाना आय शून्य दिखाती हैं. मोदी सरकार का मानना है कि देश के लाखों चार्टर्ड अकाउंटेंट्स इन कंपनियों के कालेधन को सफेद करने का आरोप है.

पीएम मोदी ने कहा पिछले लगभग 11 सालों में सिर्फ 25 चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को ही सजा मिली है. देश के चार्टर्ड अकाउंटेंट ने पिछले पांच सालों में लगभग 30 हजार करोड़ रुपए से अधिक का कालाधन सफेद किया है.

पीएम मोदी ने कहा कि इस सरकार के आने के बाद स्विस बैंकों में जमा भारतीयों के कालेधन में 45 प्रतिशत की कमी आई है. यह भारत में सरकार के कालेधन पर किए जा रहे कार्रवाई का नतीजा है.

पीएम मोदी के अनुसार देश में तीन लाख से अधिक कंपनियां शक के घेरे में है. देश की एक लाख कंपनियों पर ताला लगा दिया गया है. देश के कई राज्यों के सेल कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.

चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को संबोधित करने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो: पीटीआई)

चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को संबोधित करने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो: पीटीआई)

दो सीए ने कालेधन को सफेद करने की बात कबूली

पीएम मोदी के अनुसार देश की 37 हजार सेल कंपनियों की पहचान कर उस पर कार्रवाई शुरू हो गई है. पीएम मोदी ने सवाल किया कि क्या इतने समय में सिर्फ 25 सीए ने ही गड़बड़ी की? अगर देश के लोग ही चोरी करने लगे तो देश का विकास रुक जाता है. देश के खजाने में सभी की जिम्मेदारी बनती है. इन सेल कंपनियों को जरूर किसी न किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट ने मदद की होगी. देश के दो करोड़ से ज्यादा लोग विदेशी दौरे पर गए. पर 32 लाख लोग ही अपनी कमाई 10 लाख से ज्यादा बताते हैं.

सरकार की कई एजेंसियां एक साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट पर शिकंजा कसने जा रही हैं. आयकर विभाग ने पिछले महीने ही देश के पांच हजार चार्टर्ड अकाउंटेंट को नोटिस भेज कर जवाब मांगा है.

कंपनी मामलों के मंत्रालय देश के तमाम उन फर्जी कंपनियों पर लगाम लगाने जा रही है जो सिर्फ कालेधन को सफेद करने के लिए ही बनाए गए हैं. पिछले महीने आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय ने लगभग एक दर्जन सीए सहित 25 लोगों को गिरफ्तार किया था. ये गिरफ्तारियां दिल्ली, हरियाणा, मुंबई और चैन्नई से हुई थीं.

ईडी के सामने दो सीए ने कालेधन को सफेद करने की बात भी कबूली थी. एक ने सात करोड़ रुपए तो दूसरे ने 90 करोड़ रुपए कंपनियों के अघोषित आय को ठिकाने लगाने की बात स्वीकार की.

कंपनी मामलों के मंत्रालय के मुताबिक देश में 9 लाख कंपनियों ने रजिस्ट्रेशन के तुरंत बाद से ही टैक्स रिटर्न भरना बंद कर दिया था. पीएमओ द्वारा गठित एसआईटी इन कंपनियों पर कई महीने से निगरानी रख रही थी.

भारत के केंद्रीय राजस्व सचिव हसमुख अधिया के मुताबिक कंपनी मामलों के मंत्रालय को टैक्स रिटर्न न भरने वाली 9 लाख कंपनियां लगातार सरकार के राडार पर हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा गठित कार्यबल से मंत्रालय लगातार संपर्क बनाए हुए हैं.

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मुंबई में 71 हजार कंपनियों को नोटिस जारी

पिछले तीन महीने में ईडी ने 11 हजार 289 करोड़ की फर्जी कंपनियों के कागजात जब्त किए गए हैं. ये वो कंपनियां हैं जो पिछले काफी समय से कोई कारोबार नहीं कर रही हैं.

मंत्रालय ने विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के जिन दो लाख कंपनियों को नोटिस जारी किया वह कानून की धारा 248 के तहत जारी किए गए हैं. मुंबई में रजिस्टर्ड 71 हजार और दिल्ली में 53 हजार से अधिक कंपनियों को भी नोटिस जारी किया गया है.

इन दो लाख कंपनियों को हर हालत में जवाब देना होगा. कंपनियों के जवाब से मंत्रालय संतुष्ट नहीं हुआ तो रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) का कहना है कि आयकर विभाग के निशानदेही पर केंद्र की कई एजेंसियां छापेमारी कर रही हैं.

देश की वित्तीय खुफिया यूनिट, ईडी, आयकर विभाग, राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने कंपनियों पर नकेल कस दी है.

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