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'मुझे उम्मीद है आतंक और हिंसा से परे जाकर शांति के लिए काम करेगा पाकिस्तान'

भारत-पाक संबंध पर पीएम ने कहा, 'पहले पड़ोस' हमारी सरकार की नीति रही है. इस नाते शांति और समृद्धि कायम करने के लिए पड़ोसियों से अच्छे रिश्ते जरूरी हैं

FP Staff Updated On: Aug 12, 2018 02:32 PM IST

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'मुझे उम्मीद है आतंक और हिंसा से परे जाकर शांति के लिए काम करेगा पाकिस्तान'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में विपक्ष के कई आरोपों का जवाब दिया. बेरोजगारी, आर्थिकी, महिला सशक्तीकरण, एनआरसी और जीएसटी से लेकर भारत-पाक संबंधों पर भी पीएम ने अपनी राय जाहिर की.

पीएम ने एनआरसी के मुद्दे पर लोगों को भरोसा दिलाया कि नागरिकता साबित करने का मौका जरूर दिया जाएगा. महागठबंधन को लेकर भी बात हुई. भारत-पाक संबंधों पर पीएम ने जोर देकर कहा कि रिश्ते तभी प्रगाढ़ होंगे, जब सरहद के दोनों तरफ अमन-चैन कायम हो.

पाकिस्तान में इमरान खान की अगुआई में तहरीक-ए-इंसाफ की सरकार बनने वाली है. इस बारे में टाइम्स ऑफ इंडिया ने पीएम मोदी से पूछा कि पाकिस्तान में अब तो एक नई सरकार बनने वाली है. आप नए संबंधों को कैसे देखते हैं. क्या आप नए प्रधानमंत्री से रिश्ते बढ़ाएंगे? क्या आप तब भी पाकिस्तान से संबंध की वकालत करेंगे जब यह जाहिर हो चुका है कि वहां की नई सरकार को सेना का वरदहस्त प्राप्त है?

इस पर पीएम ने कहा, 'पहले पड़ोस' मेरी सरकार की नीति रही है. इस नाते शांति और समृद्धि कायम करने के लिए पड़ोसियों से अच्छे रिश्ते जरूरी हैं. इसके लिए हमारी सरकार ने शुरू से कई कदम उठाए हैं. पाकिस्तान के आम चुनाव में तहरीक-ए-इंसाफ की जीत पर मैंने इमरान खान को बधाई दी. मैं उम्मीद करता हूं कि पाकिस्तान आतंकवाद और हिंसा से परे जाकर इस क्षेत्र की सुरक्षा, स्थायित्व और समृद्धि के लिए काम करेगा.

अन्य पड़ोसी देश जैसे कि नेपाल, श्रीलंका, चीन और मालदीव के बारे में भी पीएम मोदी ने बात की. नेपाल के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि उस देश से हमारे संबंध भगवान राम, माता सीता और भगवान बुद्ध के समय से हैं. हमने रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश और विकास में भागीदारी कर इस रिश्ते को और मजबूत बनाया है. नतीजतन, भारत और नेपाल का संबंध काफी गहराई तक पहुंच गया है.

चीन के साथ भी कुछ ऐसे ही गहरे रिश्ते हैं. भारत और श्रीलंका का संबंध किसी तीसरे देश पर निर्भर नहीं करता. मुझे इसमें कोई संदेह नहीं कि श्रीलंका हमारी सुरक्षा और संवेदना का खयाल जरूर रखेगा.

मालदीव के बारे में पीएम ने कहा, जब पूरी दुनिया का ध्यान मालदीव पर लगा है, हमें उम्मीद है कि वहां जल्द से जल्द राजनीतिक प्रक्रिया बहाल होगी और लोकतांत्रिक संस्थाओं को इजाजत दी जाएगी.

चीन के साथ संबंधों पर पीएम ने कहा, पिछले चार साल में राष्ट्रपति शी और मैं कई बार मिल चुके हैं. इस साल अप्रैल में हम दोनों की मुलाकात एक नई शुरुआत थी. इससे हम दोनों को एक-दूसरे को समझने में काफी मदद मिली.

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