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राष्ट्र के संतुलित विकास के लिए जरूरी है शिक्षा और Innovation: PM मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, 'समाज और देश का निर्माण नवोन्मेष के बिना संभव नहीं, नवोन्मेष के बिना जिंदगी एकाकी और ठहर जाती है. उन्होंने कहा कि समाज की जरूरत को ध्यान में रखकर अगर विद्यार्थी उच्च विचार रखेगा तो बड़ा बदलाव आ सकता है'

Updated On: Sep 29, 2018 12:44 PM IST

FP Staff

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राष्ट्र के संतुलित विकास के लिए जरूरी है शिक्षा और Innovation: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘शिक्षा के पुनर्जीवन पर अकादमिक नेतृत्व’ सम्मेलन का शनिवार को उद्घाटन किया. इस कार्यक्रम में शिक्षा एवं शोध गुणवत्ता, नवोन्मेष, उद्यमिता के आयाम, समावेशी कैंपस, नैतिक शिक्षा, वित्त पोषण के विविध आयाम आदि के बारे में चर्चा की गई.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ज्ञान और शिक्षा सिर्फ किताबी नहीं हो सकते हैं. शिक्षा का मकसद व्यक्ति के हर आयाम का संतुलित विकास करना है और संतुलित विकास नवोन्मेष (इनोवेशन) के बिना संभव नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘हमें इस वास्तविकता को स्वीकार करना होगा कि आज दुनिया में कोई भी देश, समाज या व्यक्ति एकाकी होकर नहीं रह सकता. हमें ‘वैश्विक नागरिक और विश्व परिवार’ के दर्शन पर सोचना ही होगा. यह दर्शन हमारे संस्कारों में प्राचीन काल से ही मौजूद है.’

पीएम मोदी ने कहा, 'समाज और देश का निर्माण नवोन्मेष के बिना संभव नहीं, नवोन्मेष के बिना जिंदगी एकाकी और ठहर जाती है. उन्होंने कहा कि समाज की जरूरत को ध्यान में रखकर अगर विद्यार्थी उच्च विचार रखेगा तो बड़ा बदलाव आ सकता है.'

भारतीय शिक्षा को नई ऊंचाई देने के लिए दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक दिन के इस सम्मेलन में देश भर के चुनिंदा 350 से ज्यादा विश्वविद्यालयों के कुलपति और निदेशक भी मौजूद रहे. कार्यक्रम का आयोजन यूजीसी, एआइसीटीई, आइसीएसएसआर समेत उच्च शिक्षा से जुड़े संगठनों ने किया है.

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