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मोदी की ट्रूडो से दो टूकः अलगाववादी ताकतों को बर्दाश्त नहीं करेगा भारत

पीएम मोदी ने कहा हम उन लोगों को बर्दाश्त नहीं करेंगे, जो हमारे देशों की एकता और अखंडता को चुनौती देते हैं

Updated On: Feb 23, 2018 03:22 PM IST

FP Staff

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मोदी की ट्रूडो से दो टूकः अलगाववादी ताकतों को बर्दाश्त नहीं करेगा भारत

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो सात दिवसीय दौरे पर भारत आए हुए हैं. शुक्रवार को उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. हैदराबाद हाउस में हुए इस मुलाकात के बाद दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत भी हुई. इस दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए. इसके बाद दोनों ने संयुक्त रूप से प्रेस को संबोधित किया.

इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत ट्रूडो का लंबे समय से इंतजार कर रहा था. उन्होंने कहा 'अच्छा लगा कि आप अपने पूरे परिवार के साथ भारत की यात्रा पर आए. हमने कई मुद्दों पर चर्चा की. आतंकवाद और उग्रवाद हमारे जैसे देशों के लिए खतरा हैं. इन तत्वों से लड़ने के लिए हमारे लिए एक साथ आने के लिए महत्वपूर्ण है.'

कनाडा के साथ संबंधों पर मोदी ने कहा 'कनाडा के साथ रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने को भारत बहुत अधिक महत्व देता है. हमारे संबंध लोकतंत्र, बहुलवाद, कानून की सर्वोच्चता और आपसी संपर्क पर आधारित हैं.

उन्होंने कहा उच्च शिक्षा के मामले में भारतीय छात्रों के लिए कनाडा का एक महत्वपूर्ण स्थान है. हमारे 1 लाख 20 हजार से ज्यादा छात्र वहां हैं. हमने उच्च शिक्षा पर समझौता किया है, जो उच्च शिक्षा के मामले में एक्सचेंज को बढ़ाएगा.

पीएम मोदी ने कहा उत्तर कोरिया और मालदीव की स्थिति के बारे में हमारे विचार समान हैं. कनाड एक ऊर्जा सुपर-शक्ति है, यह हमारी बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा कर सकती है.

वहीं खालिस्तान के मुद्दे पर पीए मोदी ने कहा कि जो लोग राजनीतिक उद्देश्यों के लिए धर्म का दुरुपयोग करते हैं और अलगाववाद को बढ़ावा देते हैं, उनके लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए. हम उन लोगों को बर्दाश्त नहीं करेंगे, जो हमारे देशों की एकता और अखंडता को चुनौती देते हैं.

कनाडा के पीएम जस्टि ट्रूडो ने कहा हम न सिर्फ एक-दूसरे के इतिहास को समृद्ध करते हैं, बल्कि उन मूल्यों का एक समूह है, जो हमारे दोनों देशों के बीच एक प्राकृतिक दोस्ती को प्रोत्साहित करते हैं.

उन्होंने कहा कैनडा अपनी अर्थव्यवस्था में विविधता लाने की कोशिश करता है और व्यापार को अपनी सीमाओं से परे करने के लिए नए अवसरों की तलाश करता है. ऐसे में भारत वाणिज्यिक सहयोग के लिए एक स्वाभाविक साथी और विश्वसनीय दोस्त है.

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