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पीएम मोदी ने 'स्वच्छता ही सेवा' के संकल्प के साथ देश का किया आह्वान, दिल्ली के स्कूल में खुद लगाई झाडू

यह मोदी का वर्किंग स्टाइल है जिसमें वो सफाई अभियान से लेकर हर तरह के कार्यक्रम में खुद सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर के तौर पर नजर आते हैं

Updated On: Sep 15, 2018 01:51 PM IST

Amitesh Amitesh
विशेष संवाददाता, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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पीएम मोदी ने 'स्वच्छता ही सेवा' के संकल्प के साथ देश का किया आह्वान, दिल्ली के स्कूल में खुद लगाई झाडू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता का बीड़ा चार साल पहले उठाया था. उसका असर दिख भी रहा है. अब एक बार फिर  ‘स्वच्छता ही सेवा’ का संकल्प लेकर मोदी देश के लोगों से सफाई अभियान को अंजाम तक पहुंचाने की अपील कर रहे हैं.

चार साल पहले प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालने के कुछ ही महीने बाद 2 अक्टूबर, 2014 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के मौके पर उन्होंने स्वच्छता अभियान की शुरुआत की थी. अब एक बार फिर चार साल पूरा होने के मौके पर 15 सितंबर से 2 अक्टूबर 2018 तक स्वच्छता ही सेवा अभियान चलाया जा रहा है.

फिर झाड़ू लगाते नजर आए पीएम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर हाथों में झाडू लेकर दिल्ली के पहाड़गंज इलाके के रानी झांसी मार्ग में बाबा साहब अंबेडकर हायर सेकेंडरी स्कूल में सफाई करते नजर आए. वहां बच्चों से उन्होंने बात भी की. उन्हें सफाई अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित भी किया. लोगों को सफाई अभियान से जुड़ने की नसीहत भी दी. एक बार फिर मोदी की यह तस्वीर चार साल पहले की याद दिला गई जब उनके हाथों में झाड़ू था और दिल्ली में स्वच्छता अभियान की शुरुआत के बाद वो सफाई करते नजर आए थे.

यह मोदी का वर्किंग स्टाइल है जिसमें वो सफाई अभियान से लेकर हर तरह के कार्यक्रम में खुद सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर के तौर पर नजर आते हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने इसके पहले नमो ऐप के जरिए देश के अलग-अलग भागों से धार्मिक संस्थाओं के लोगों, मीडिया ग्रुप के लोगों, सहकारी संस्थाओं के लोगों और छात्र-छात्राओं के साथ संवाद किया. इस संवाद में मोदी ने सबसे स्वच्छता अभियान को सफल बनाने की अपील भी की.

अमिताभ बच्चन और श्री श्री रविंशंकर से लेकर रतन टाटा तक से जुड़े

इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, धर्मगुरु श्री श्री रविशंकर, बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन और उद्योगपति रतन टाटा भी साथ जुड़े थे. इन सबकी तरफ से प्रधानमंत्री के अभियान की सराहना की गई और इसे आगे बढ़ाने की बात की गई.

अमिताभ बच्चन ने भी क्लीनथॉन से लेकर कॉपरेटिव सोसायटी के माध्यम से सफाई अभियान के लिए किए जा रहे अपने कामों को बताया तो प्रधानमंत्री ने भी उनकी भरपूर तारीफ की. धर्मगुरुओं की तरफ से भी पूरे सहयोग का भरोसा दिया गया.

गंगा सफाई को भी साथ लिया

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने गंगा सफाई का भी जिक्र करते हुए कहा ‘गंगा किनारे बसे गांवों में खुले में शौच से मुक्ति मां गंगा की निर्मलता के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है.’ उन्होंने कहा ‘गंगा हमारी संस्कृति है, विरासत है, पहचान है. मां गंगे के प्रति समर्पण और सम्मान गंगोत्री से गंगा सागर तक ना सिर्फ दिखना चाहिए, बल्कि उसे कष्ट देने की मानसिकता को दिमाग से निकालना भी चाहिए.’

मोदी ने गंगा किनारे बसे हुए लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा ‘मैं गंगा तट पर बसे हर भाई-बहन से एक आग्रह करना चाहता हूं. क्या आप सभी इस स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े के दौरान मिलकर गंगा सफाई के लिए श्रमदान कर सकते हैं? मैं जानता हूं कि बिजनौर के स्वच्छाग्रहियों की तरह ही अनेक भाई-बहन बरसों से इस सेवा में जुटे हैं.’

2,000 लोगों को पत्र लिखकर किया है आह्वान

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ मिशन की शुरुआत करने से पहले समाज के विभिन्न वर्गों के करीब 2,000 लोगों को पत्र लिखकर इस सफाई अभियान का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, जिन लोगों को इस अभियान के लिए आमंत्रित किया गया है उनमें पूर्व न्यायाधीश, अवकाश प्राप्त अधिकारी, वीरता पुरस्कार के विजेता और राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों के पदक विजेता भी शामिल हैं.

इसके अलावा सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उप मुख्यमंत्रियों, राज्यपालों और उप राज्यपालों को भी व्यक्तिगत रूप से यह पत्र प्राप्त हुआ है. कुछ प्रमुख धार्मिक नेताओं, फिल्मी हस्तियों, खिलाड़ियों, लेखकों, पत्रकारों को भी प्रधानमंत्री की तरफ से यह पत्र दिया गया है.

सफाई अभियान को आगे बढ़ाने के लिए अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान को एक जन आंदोलन बताया है जो अब पूरे देश में स्वच्छता क्रांति का रूप ले चुका है. उन्होंने पत्र में लिखा है कि पिछले चार साल में देश भर में साढ़े आठ करोड़ शौचालय बनवाए गए हैं. वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान भी देश भर में शौचालय का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 90 फीसदी लोगों के पास अब शौचालय की व्यवस्था है जबकि 2014 तक यह आंकड़ा केवल 40 फीसदी ही था.

प्रधानमंत्री ने स्वच्छता अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि देश में साढ़े चार लाख गांवों, 430 जिलों, 2800 शहरों और 19 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया जा चुका है.

2 अक्टूबर को ‘स्वच्छता ही सेवा’ मिशन का समापन होगा. इस दौरान मोदी सरकार के मंत्रियों, बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों, बीजेपी के सांसद, विधायक, नेता, कार्यकर्ता श्रमदान कर देश को स्वच्छ और स्वच्छता के जरिए स्वस्थ बनाते नजर आएंगे. इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री ने दिल्ली के स्कूल से कर दी है.

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