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कचरा न फैले इसलिए किराए पर देते हैं कप-प्लेट्स और गिलास

बेंगलुरु में कचरे को कम करने के लिए कई संगठनों ने प्लेट बैंक की शुरुआत की है, ये संगठन स्टील के प्लेट्स, गिलास, चम्मच और कटोरा किराए पर दे रहे हैं

Updated On: Jan 19, 2018 04:13 PM IST

FP Staff

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कचरा न फैले इसलिए किराए पर देते हैं कप-प्लेट्स और गिलास

शहर से लेकर गांव तक कचरा एक समस्या बना हुआ है. कचरा प्रदूषण का भी मुख्य कारण है इसके साथ ही इसे नष्ट करने की उचित व्यवस्था नहीं होने से शहरों में तो कचरों का पहाड़ तक तैयार हो गया है. आज के समय में हम हर काम के लिए ऐसी चीजों का इस्तेमाल करते हैं जिसे काम खत्म होने पर फेंक दिया जाता है. चाहे वो शादी का भोज हो या किसी सांस्कृतिक आयोजन में होने वाला भोज. इन आयोजनों में धड़ल्ले से प्लास्टिक प्लेट्स, गिलास और थर्मोकोल प्लेट्स का इस्तेमाल होता है. यह बाद में कचरे के ढेर में तब्दील हो जाता है. इसी कचरे से निजात पाने के लिए शहर बेंगलुरु ने बेहद ही खास और कारगर तरीका अपनाया है.

बेंगलुरु में कचरे को कम करने के लिए कई संगठनों ने प्लेट बैंक की शुरुआत की है. ये संगठन स्टील के प्लेट्स, गिलास, चम्मच और कटोरा किराए पर दे रहे हैं. कई संगठन इसके लिए नाम मात्र की रकम ले रहे तो कई इसे फ्री में ही मुहैया करा रहे हैं.

द हिंदू की खबर के मुताबिक, एक गैर-लाभकारी संगठन, अदम्य चेतना के पास सबसे बड़ा स्टॉक है. जिसमें 10,000 प्लेट्स, पानी और चाय / कॉफी के गिलास, कटोरे और चम्मच के सेट शामिल हैं. आपको जितने बर्तनों की जरुरत है उसके आधार पर, नाम मात्र की रकम ली जाती है. जो एक जमा चेक के रूप में होती है. जब आप बर्तनों का इस्तेमाल कर वापस करते हैं ये रकम भी आपको लौटा दी जाती है.

संगठन ने मार्च, 2016 में इस पहल की शुरुआत की थी. बर्तनों को साफ और रखरखाव के लिए एक कमर्शियल डिशवॉशर का उपयोग किया जाता है.

जून, 2016 में शुरू हुआ रेंट-अ-कटलरी एक दूसरा संगठन है जो इस काम में हाथ बंटा रहा है. इस संगठन के पास लगभग 200 से ज्यादा स्टील प्लेट्स, गिलास, चम्मच और कटोरा सेट शामिल है.

संगठन की सह संस्थापक रिषिता शर्मा व्हाइटफील्ड राइजिंग के साथ भी काम कर चुकी है. उन्होंने कहा कि इस पहल ने 20,000 से अधिक ऐसे प्लेट्स से होने वाले कचरे को बचाने में मदद की है.

उन्होंने कहा कि हम दोबारा इस्तेमाल होने वाले बर्तनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, जो प्लास्टिक प्लेट्स, थर्मोकोल प्लेट्स और पेपर कप होते हैं, उनसे निपटान एक बड़ा मुद्दा है. उन्होंने कहा कि ये वास्तव में पर्यावरण के अनुकूल नहीं हैं. वे अब अन्य लोगों से भी अपना प्लेट बैंक शुरू करने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं.

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