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रिकॉर्डतोड़ स्तर पर पहुंचे पेट्रोल और डीजल के दाम, दिल्ली में पेट्रोल 76 के पार

उधर मुंबई में भी पेट्रोल-डीज के दाम आसमान छू रहे है. एक तरफ पेट्रोल कीमत जहां 84.70 पैसे प्रति लीटर तक पहुंच गई है वहीं डीजल की कीमत बढ़कर 72.48 पैसे प्रति लीटर हो गई है

FP Staff Updated On: May 22, 2018 03:57 PM IST

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रिकॉर्डतोड़ स्तर पर पहुंचे पेट्रोल और डीजल के दाम, दिल्ली में पेट्रोल 76 के पार

पिछले 9 दिनों से देश में पेट्रोल-डीजल के कीमतें लगातार बढ़ती जा रही है. मंगलवार को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में 30 पैसे का इजाफा हुआ है, वहीं डीजल की कीमतों में भी 26 पैसे की बढ़ोतरी हुई है. इन बढ़े हुए दामों के साथ पेट्रोल की कीमत अब 76.87 प्रति लीटर हो गई है. वहीं डीजल की कीमत अब 68.06 प्रति लीटर तक पहुंच गई है.

उधर मुंबई में भी पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे है. एक तरफ पेट्रोल की कीमत जहां 84.70 पैसे प्रति लीटर तक पहुंच गई है वहीं डीजल की कीमत बढ़कर 72.48 पैसे प्रति लीटर हो गई है.

पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार होती वृद्धि आम आदमी के लिए परेशानी की सबब बन गई है. मुंबई के कुछ लोगों ने कहा कि दूसरे राज्यों के मुकाबले यहां मुंबई में कीमत ज्यादा बढ़ रही है. उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा इस परिस्थिति में हम कैसे रह पाएंगे?

खबर है कि स्थिति को देखते हुए इंडियन ऑयल मंगलवार को दोपहर 3.30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाली है. उधर सरकार ने भी बढ़ती कीमतों पर चिंता जताते हुए कहा है कि पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मंगलवार को इस बारे में चर्चा करने के लिए बैठक कर सकते हैं.

क्यों आसमान छू रहे हैं दाम

फ्यूल के दाम में इतनी बढ़ोत्तरी के हाल तब हैं जब कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल है. 2014 में जब कच्ची तेल की कीमत करीब 140 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई थी तब भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इतनी बढ़ोतरी नहीं देखी गई. उस समय यूपीए सत्ता में थी और पेट्रोल डीजल के दाम उसी के नियंत्रण में होते थे. लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद यह नियंत्रण पूरी तरह कंपनियों के हाथों में चला गया और इसका असर कीमतों पर पड़ा. इसके बाद इंडिया बास्केट के कच्चे तेल की कीमत घटने के बावजूद भी कई तरह के टैक्स लगने के कारण पेट्रोल-डीजल लगातार महंगा होता जा रहा है.

डीजल-पेट्रोल पर 50% से ज्यादा टैक्स चुकाते हैं भारतीय

कच्चे तेल की स्थिर कीमतों के बावजूद भारत में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं. इसकी सीधी वजह है पेट्रोल और डीजल पर लगाया गया 50 फीसदी से अधिक का टैक्स. बीते साल 2016 के जून से ईंधन की कीमतों में रोज बदलाव करने के नए नियम के बाद 21 मई तक खुदरा कीमतों में 11.09 रुपए प्रति लीटर बढ़ोत्तरी हुई है. 21 मई को, रिफाइनरियों ने पेट्रोल का उत्पादन 37.19 रुपए प्रति लीटर के दाम पर किया, जबकि राज्य और केंद्र सरकार ने हर लीटर पर 35.76 रुपए कमाई की.

इंडियन ऑयल कॉर्प लिमिटेड द्वारा कीमत तय किए जाने वाले मानक के मुताबिक, 21 मई के दिन डीलरों को 37.19 रुपए में प्रति लीटर पेट्रोल दिया गया. इसके बाद 25.44 फीसदी उत्पाद शुल्क, 4.72 फीसदी डीलर कमीशन और 21.26 फीसदी वैट जोड़े जाने पर इसकी कीमत दोगुनी हो गई. यह सब जुड़ने के बाद पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 76.57 रुपए पहुंच गई. कुल 51.44 फीसदी टैक्स के दाम में एड होता है.

भारत में तेल की कीमतें अभी और बढ़ सकती हैं क्योंकि दुनिया का तीसरा बड़ा उपभोक्ता भारत है. साल 2016-17 के वित्तीय वर्ष में भारत में 194.2 मिलियन टन क्रूड का इस्तेमाल किया, जो बीते वित्तीय वर्ष से 5 फीसदी ज्यादा था. भारत अपनी ईंधन की कुल जरूरतों का 78 फीसदी आयात करता है. इसके पास 230 मिलियन मीट्रिक टन की रिफाइनिंग कैपिसिटी है. बीते वित्तीय वर्ष में भारत ने 70 बिलियन डॉलर क्रूड ऑयल पर खर्च किया.

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