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नोट बदलवाने बैंकों-डाकघरों में उमड़े लोग, अव्यवस्था फैली

नोटबंदी की घोषणा के बाद बड़ी संख्या में लोग परेशान दिखे

Updated On: Nov 22, 2016 02:32 PM IST

Krishna Kant

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नोट बदलवाने बैंकों-डाकघरों में उमड़े लोग, अव्यवस्था फैली

नई दिल्ली. पूरे देश में बैंकों और डाकघरों पर गुरुवार को लोगों का मेला जैसा लग गया. मोदी सरकार द्वारा मंगलवार रात 500 रुपये और 1,000 रुपये के नोट बंद करने की घोषणा करने के बाद गुरुवार को दोबारा खुले बैंको में इन नोटों को बदलवाने के लिए भीड़ टूट पड़ी.

line2 मयूर विहार फेज टू में एसबीआई ब्रांच में लगी कतार.

प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद 36 घंटे के इंतजार के बाद लाखों बेचैन लोग गुरुवार सुबह नोटों को बदलने के लिए बैंकों और डाकघरों के खुलने के पहले ही इनके सामने कतार में लग गए. उत्तर, दक्षिण, पूरब और पश्चिम, हर जगह से यही खबर मिली है. दिल्ली, नोएडा और गुड़गांव में लोग सुबह 6 बजे से ही बैंकों के सामने कतार में लग गए. कानून व्यवस्था की स्थिति को संभालने के लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम भी करने पड़े.

नोटबंदी की घोषणा के बाद बड़ी संख्या में लोग परेशान दिखे. मोदी सरकार द्वारा मंगलवार रात 500 रुपये और 1,000 रुपये के नोट बंद करने की घोषणा के बाद गुरुवार को बैंक खुले. दिल्ली में बैंकों के सामने सुबह सात बजे से ही लंबी लाइनें लग गईं. कई लोगों ने थोड़े नोट बदलवाकर नकदी ली और शेष राशि जमा कर दी. अधिकांश लोगों को वे नोट बदलने थे जो खर्च के लिए घरों में रखते हैं.

मयूर विहार फेज टू में एसबीआई, एचडीएफसी और एक्सिस बैंक की शाखाओं में खूब लंबी लाइनें लगीं. ज्यादातर लोगों को यह नहीं मालूम था कि क्या करना है. विनोद नगर निवासी शकुंतला ने बताया, पिछले हफ्ते करीब दो लाख लोन लिया था घर बनवाने के लिए. मुझे लगा था कि वह पैसा बर्बाद हो जाएगा, लेकिन सुना है कि बदल जाएगा. अगर बदल लेंगे तो ठीक है, वरना तो मैं लुट जाउंगी.' बैंकों के गेट बंद थे. वॉचमैन एक-एक व्यक्ति को अंदर जाने दे रहे थे. कई बार लोगों ने अंदर घुसने के लिए धक्का मुक्की भी की.

नोएडा के एक्सिस बैंक की शाखा जब सुबह आठ बजे खुली तो इसके सेल्स एक्जिक्यूटिव मुकुल बैंक के बाहर ग्राहकों को पैसे निकालने वाले फॉर्म बांटने के लिए खड़े थे. उन्होंने बताया, 'जब मैं कार्यालय पहुंचा तो पहले से भीड़ मौजूद थी. अब हम पूरी क्षमता से अपना काम कर रहे हैं और बैंक के अंदर अभी भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं.'

मुकुल के मुताबिक, 'हमें जल्दी कार्यालय पहुंचने के लिए कहा गया था और हमारे काम करने के समय दो घंटे बढ़ा दिया गया है.' नोएडा में ही कोटक बैंक की एक शाखा में भारी भीड़ दिखी. बैंक के सुरक्षा गार्ड ने बताया कि बैंक खुलने के पहले से ही लोगों की भीड़ जुट गई थी. लोग काफी पहले से खड़े थे.

रुपये बदलने और जमा करने आए एक ग्राहक ने बताया, 'मैं पिछले एक घंटे से कतार में खड़ा हूं. मैं सुबह नौ बजे आया था, मुझे लगता है कि और जल्दी आना चाहिए था.' अधिकांश बैंकों ने फॉर्म भरने और अन्य निर्देशों संबंधित बातों के संबंध में लोगों का मार्गदर्शन करने के लिए कर्मचारियों को गेट के बाहर तैनात कर रखा था. भीड़ के मामले में दिल्ली-एनसीआर के कमोबेश सारे बैंकों का यही हाल रहा.

उधर, मुंबई में 36 घंटे के इंतजार के बाद लाखों लोग 500 और 1000 के नोट बदलने के लिए बैंकों और डाकघरों के सामने कतार में लग गए. सुबह होते ही मुंबई, पुणे, नागपुर, औरंगाबाद, नासिक, कोल्हापुर में हजारों लोग बैंकों और डाकघरों में लाइन में लग गए. कई लोगों ने पहले से ही अपने कागज तैयार कर रखे थे तो कई लोग फोटो कॉपी कराने के लिए व्याकुल होकर भागते दिखे. फोटो कॉपी कराने की दुकान पर भी लंबी लाइनें लगीं.

निजी और सरकारी क्षेत्र के अधिकांश बैंकों में ग्राहकों का अंबार लग गया. कुछ स्थानों पर एयर कंडीशनर लोड नहीं सह पा रहे हैं. उन्हें या तो बंद कर दिया गया है या वे खराब हो गए हैं. ऐसी ही भीड़ एटीएम पर भी देखी जा रही है. एटीएम भी मंगलवार की रात के बाद गुरुवार को पहली बार रोजाना के खर्च के लिए एक निश्चित राशि निकालने के लिए खुले हैं. कुछ शाखाओं और एटीएम के खुलने के बाद कुछ घंटे में नकदी समाप्त हो गई.

बाजार में 100 रुपये और 50 रुपये के नोटों के नहीं रहने से लोगों को 500 व 2000 के नए नोट भुनाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. वे ग्राहक जिनके पास कार्ड हैं, वे उन दुकानों में जा रहे हैं जहां डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड स्वीकार किए जा रहे हैं. लेकिन जो लोग रोज नकदी में कारोबार करते हैं, जिसमें टैक्सी भी शामिल हैं, उन्हें बड़ी परेशानी हो रही है. (आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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