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वेटिंग लिस्ट और ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण यात्री मजबूरी में कर रहे बस यात्रा

बिहार जाने वाली ज्यादातर ट्रेनों के कई-कई घंटे की देरी से चलने की वजह से लोगों को मजबूरन कई गुना ज्यादा किराया दे कर बस से यात्रा करना पड़ रहा है

FP Staff Updated On: May 06, 2018 08:19 PM IST

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वेटिंग लिस्ट और ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण यात्री मजबूरी में कर रहे बस यात्रा

पिछले तीन महीने से अमित मिश्रा बिहार जाने के लिए अपने रेलवे टिकट के कंफर्म होने की प्रतीक्षा कर रहे थे लेकिन जब टिकट कंफर्म नहीं हो पाया तो दिल्ली निवासी मिश्रा ने बस से बिहार में मधुबनी जाने का फैसला किया.

मिश्रा, अपनी पत्नी और बेटे के साथ आनंद बिहार बस टर्मिनल पर बस की प्रतीक्षा कर रहे थे. वह हाल ही में बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से दिल्ली आ रही एक बस के हादसे के बारे में जानते हैं. यह बस 20 फीट खाई में नीचे जा गिरी थी, जिससे इसमें आग लग गई.

उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए विकल्प का विषय नहीं है. अगर रेल टिकट नहीं कंफर्म हो तो इतनी लंबी दूरी में बस के अलावा और क्या विकल्प रह जाता है. मिश्रा ने कहा कि उन्हें बस टिकट के लिए 2,000 रुपए प्रति सीट खर्च करने पड़े जो ट्रेन टिकट से काफी मंहगा है.

उन्होंने कहा कि मैंने अपना ट्रेन टिकट एडवांस रिजर्वेशन पीरियड ( एआरपी ) शुरू होने के कुछ दिन बाद ही बुक कराया था लेकिन फिर भी वह कंफर्म नहीं हुआ.

बिहार जाने वाली बस का इंतजार कर रहे ज्यादातर लोगों ने ट्रेन के टिकट नहीं कंफर्म होने या बिहार जाने वाली ट्रेनों के कई-कई घंटे देर से चलने की वजह से बस से जाना तय किया था.

फरीदाबाद के रहनेवाले एचके झा ने कहा कि मैंने यह सुना है कि रेल ट्रैक पर चल रहे काम की वजह से रेलगाड़ियां देरी से चल रही हैं लेकिन रेलवे को इसके लिए कुछ वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी ताकि यात्रियों को परेशानी न हो.

गुरुवार को बिहार के मुजफ्फरनगर से दिल्ली आ रही एक बस करीब शाम पांच बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-28 पर बेलवा गांव में खाई में जा गिरी.

पूर्वी चंपारण जिले के मजिस्ट्रेट रमन कुमार ने बताया कि इस दुर्घटना में किसी की मौत नहीं हुई. बस मुजफ्फरनगर से रवाना हुई थी और इस दुर्घटना में 13 लोग घायल हो गए.

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