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क्या पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ का चुनाव बीजेपी और जेडीयू के लिए नाक का सवाल बन गया?

पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ का चुनाव बुधवार को होने जा रहा है, बुधवार को ही छात्र संघ के चुनाव परिणाम भी आ जाएंगे, लेकिन चुनाव से ठीक पहले पटना छात्र संघ का चुनाव राजनीतिक दलों का अखाड़ा बन गया है

Updated On: Dec 04, 2018 10:25 PM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

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क्या पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ का चुनाव बीजेपी और जेडीयू के लिए नाक का सवाल बन गया?

पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से गर्माहट आ गई है. पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ की राजनीति में यह गर्माहट जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर (पीके) को लेकर आई है. कुछ राजनीतिक दलों को प्रशांत किशोर का छात्र संघ की राजनीति में दखलंदाजी करना नागवार गुजरा है. पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में लेफ्ट और आरजेडी महागठबंधन एक साथ चुनाव लड़ रहे हैं. वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और जेडीयू की छात्र विंग अलग-अलग चुनाव लड़ रही है.

पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव को बीजेपी और जेडीयू ने नाक का सवाल बना लिया है. जेडीयू के प्रशांत किशोर को एक कुशल चुनावी रणनीतिकार माना जाता है. प्रशांत किशोर अपनी रणनीति से चुनावों के परिणाम को बदलने का मद्दा भी रखते हैं. पिछले कुछ सालों में उनके द्वारा किए गए कामों से ऐसा प्रतीत भी होता है.

लेकिन, प्रशांत किशोर पर छात्र संघ चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगा है. यहां तक की बीजीपी ने प्रशांत किशोर पर आचार संहिता का उल्लंघन का मामला दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग की है. पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ का चुनाव बुधवार को होने जा रहा है. बुधवार को ही छात्र संघ के चुनाव परिणाम भी आ जाएंगे, लेकिन चुनाव से ठीक पहले पटना छात्र संघ का चुनाव राजनीतिक दलों का अखाड़ा बन गया है.

छात्रसंघ चुनाव में उतर आए हैं पीके और तेजस्वी

जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और बीजेपी के नितिन नवीन जैसे कुछ युवा नेताओं की एंट्री ने छात्र संघ की राजनीति को गरमा दिया है. मंगलवार को बीजेपी के कुछ विधायकों ने साझा बयान जारी कर कहा है कि इस बार उनके समर्थक धनबल, बाहुबल और पुलिस प्रशासन के हस्तक्षेप को परास्त करेंगे.

वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक के बाद एक ट्वीट कर नीतीश कुमार और बीजेपी पर जमकर हमला बोला है. तेजस्वी ने ट्वीट करते हुए कहा है, 'क्या सीएम आवास से अब छात्र संघ चुनाव में भी पैसा और शराब माफियाओं को पद बांटने का खेल खेला जा रहा है? पुलिस प्रशासन विरोधी छात्रों को गिरफ्तार कर निचले स्तर की हरकत करने में उतर आया है? बीजेपी के आठ-आठ विधायक प्रेस रिलीज जारी कर अपनी ही सरकार और पुलिस प्रशासन के रवैए पर थू-थू कर रहे हैं.’

जेडीयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर की छात्र संघ राजनीति में एंट्री ने पिछले दो-तीन दिनों से पटना यूनिवर्सिटी की आबोहवा बदल दी है. बीजेपी नेताओं का कहना है कि राजनीतिक दल सीधे हस्तक्षेप से परहेज करें. बीजेपी नेताओं का कहना है कि प्रशासन का रवैया तटस्थ होना चाहिए. लेकिन ऐसा लग रहा है कि बिहार पुलिस का रवैया पक्षपातपूर्ण हो गया है.

राज्यपाल से मिल बीजेपी के दल ने की निष्पक्ष चुनाव की मांग

बीजेपी विधायक और भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल नितिन नवीन के नेतृत्व में बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन से मिला और राजनीतिक दलों की दखलंदाजी को बंद करने का एक ज्ञापन सौंपा. फर्स्टपोस्ट हिंदी से बात करते हुए बीजेपी विधायक नितिन नवीन कहते हैं, 'हमलोगों ने महामहीम से पारदर्शी चुनाव कराने की मांग की है. हमलोग छात्र संघ चुनाव में राजनीतिक दलों के हस्तक्षेप का विरोध कर रहे हैं. हमलोगों को आपत्ति यह थी कि जब आचार संहिता लागू थी तो प्रशांत किशोर कैसे कैंपस पहुंच कर वीसी के साथ मीटिंग कर लेते हैं.'

नितिन नवीन ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा

नितिन नवीन ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा

इसी के साथ नितिन नवीन ने कहा, 'प्रशांत किशोर पर आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया जाए. हमलोगों ने चुनाव रद्द कराने की मांग नहीं की है. हमलोगों ने राज्यपाल मोहदय से निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की है. राज्यपाल महोदय ने हमलोगों को आश्वासन दिया है कि निष्पक्ष चुनाव होंगे. मेरी मांग यह थी कि पीयू छात्र संघ के चुनाव में पुलिस प्रशासन निष्पक्ष होकर काम करे. विश्वविद्यालय में तनाव की स्थिति पैदा नही होने दे.'

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद दावा करता है कि उसका सीधा किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है. एबीवीपी का दावा है कि वह राष्ट्र निर्माण का काम करती है. लेकिन, एबीवीपी को शायद इसका अंदाजा नहीं था कि जिस जनता दल यूनाइटेड के साथ वह गठबंधन में है वही उसे शिकस्त देने के लिए कमर कस चुका है.

पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में बुधवार को ही वोटिंग और काउंटिग होने वाली है. बीते कुछ दिनों से जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव खूब में दिलचस्पी ले रहे हैं. इस दिलचस्पी का ही नतीजा है कि एबीवीपी खुले तौर पर जेडीयू पर हमलावर हो गई है. पहली मर्तबा ऐसा हो रहा है कि जब जेडीयू पूरे दम-खम के साथ पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव लड़ रही है.

वीसी के साथ पीके की बैठक से गर्मया विश्वविद्यालय का माहौल

सोमवार को चुनाव के ठीक पहले पटना विश्वविद्यालय के वीसी से प्रशांत किशोर की मुलाकात को छात्र संगठनों ने आचार संहिता का उल्लंघन बताया था. बीते 3 दिसंबर को 11 बजे दिन में अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के बीच डिबेट शुरू हुआ, जो कि शाम तक चला. इसके बाद शाम 5 बजे जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर पटना यूनिवर्सिटी के वीसी से मिलने पहुंचे. यह बात छात्र संघ के सभी दलों को पता चल गई. इसके बाद छात्र वीसी हाउस के सामने जुटने लगे.

रात 8 बजे तक छात्र आक्रोशित हो उठे. इसके बाद छात्रों ने पीके को लगभग तीन घंटे तक घेरे रखा. रात करीब 9 बजे मौके पर पहुंच कर पुलिस ने पीके को कड़ी सुरक्षा में वहां से जैसे-तैसे बाहर निकाला. इस पर छात्रों ने पीके पर पथराव कर दिया. पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया. साथ ही पुलिस ने छात्रों को कस्टडी में ले लिया. विरोध कर रहे 6 एवीबीपी के कार्यकर्ताओं को पुलिस पकड़ कर थाने ले गई. इनमें से 5 को पीआर बॉन्ड भरवा कर छोड़ दिया. जबकि एक छात्र रवि करण को थाने में ही रखा.

रात 10 बजे भारतीय जनता युवा मौर्चा, बीजेपी और एवीबीपी के सदस्य राज्यपाल लालजी टंडन से मिलने राजभवन पहुंचे. जहां उन्होंने छात्र संघ चुनाव में बढ़ती राजनीतिक दखलअंदाजी की शिकायत की. साथ ही पटना विश्वविद्यालय में छात्र संघ का चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने की मांग की. राज्यपाल से मिलने वालों में बीजेपी विधायक और बीजेवायएम के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन, बीजेवायएम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संतोष रंजन राय और विधायक जिवेश कुमार के साथ बीजेपी के अन्य नेता मौजूद थे.

नितिन नवीन के नेतृत्व में एक दल राज्यपाल सत्यपाल मलिस से मिला

नितिन नवीन के नेतृत्व में एक दल राज्यपाल सत्यपाल मलिस से मिला

पिछले साल भी पटना विश्वविद्यालय में एबीवीपी के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को फर्जी डिग्री और शपथपत्र के कारण हटा दिया गया था. एक बार फिर से 5 दिसंबर की सुबह 8 बजे से मतदान शुरू होने वाला है जो दोपहर दो बजे तक चलेगा. शाम 4 बजे से काउंटिंग होगी और उम्मीद है कि देर रात तक नतीजे सामने आ जाएंगे.

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