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आर के सिंह यूपीए सरकार में थे गृह सचिव, अब मोदी कैबिनेट में बने ऊर्जा मंत्री

पहली बार सांसद बनने वाले आरके सिंह संसद के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग, पेंशन, जन शिकायत, कानून और न्याय संबंधी मामलों की स्टैंडिंग कमिटी के सदस्य भी हैं

FP Staff Updated On: Sep 03, 2017 03:52 PM IST

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आर के सिंह यूपीए सरकार में थे गृह सचिव, अब मोदी कैबिनेट में बने ऊर्जा मंत्री

भारत के पूर्व नौकरशाह और आरा से बीजेपी के सांसद राजकुमार सिंह (आर के सिंह) रविवार को मोदी कैबिनेट का हिस्सा बनने जा रहे हैं. बीजेपी के सबसे बड़े नेताओं में से एक लालकृष्ण आडवाणी के राम रथ को बिहार में रोकने को लेकर वह चर्चाओं में आए थे.

रोका था आडवाणी का विजय रथ

आरके सिंह ने साल 1990 में सोमनाथ से अयोध्या की यात्रा पर निकले लालकृष्ण आडवाणी का रथ बिहार में रोका था. तब राजकुमार सिंह बिहार के समस्तीपुर जिले के जिलाधिकारी हुआ करते थे. बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने 23 अक्तूबर 1990 को समस्तीपुर में आडवाणी को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था और आरके सिंह ने रथयात्रा के दौरान लालकृष्ण आडवाणी की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

इस घटना के बाद भाजपा ने तत्कालीन वीपी सिंह सरकार से समर्थन वापस ले लिया था जिससे सरकार गिर गई थी.1975 बैच के बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी आर के सिंह जून 2011 में केंद्रीय गृह सचिव बने थे और दो साल बाद जून 2013 रिटायर हुए थे.

राजकुमार सिंह ने केंद्रीय गृह सचिव रहने के दौरान समझौता एक्सप्रेस और मालेगांव धमाके में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठनों और लोगों के नाम होने की बात सामने आने की बात कही थी. केंद्रीय मंत्रिमंडल में रविवार को जिन नौ नए चेहरों को शामिल किया जाना है उनमें 64 साल के आरके सिंह भी शामिल हैं.

गृह सचिव से लेकर मंत्री तक का सफर

भारतीय प्रशासनिक सेवा से रिटायरमेंट के बाद राजनीति में सक्रिय हुए आरके सिंह को बीजेपी ने आरा से टिकट दिया और वो पहली बार में ही आरा से विजयश्री हासिल कर लोकसभा जा पहुंचे.

सांसद बनने से पहले सिंह की गिनती भारत के कड़क नौकरशाह के तौर पर होती थी. मूल रूप से बिहार के सुपौल जिले के बसबिट्टी गांव के रहने वाले आरके सिंह 1975 बैच के आइएएस ऑफिसर थे. वो देश के महत्वपूर्ण पद यानी केंद्रीय गृह सचिव का दायित्व निभा चुके हैं.

राजकुमार सिंह देश के गृह सचिव पद से ही रिटायर हो चुके हैं. पहली बार सांसद बनने वाले आरके सिंह संसद के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग, पेंशन, जन शिकायत और कानून और न्याय संबंधी मामलों की स्टैंडिंग कमिटी के सदस्य भी हैं.

आर के सिंह का योगदान

आर के सिंह और भी कई विभागों में महत्वपूर्ण पदों पर योगदान दे चुके हैं. आरके सिंह ने जिन विभागों में बतौर नौकरशाह और प्रशासक सेवा दी है उनमें रक्षा उत्पाद सचिव, गृह सचिव, इंडस्ट्रीज, जन कार्य और कृषि विभाग प्रमुख हैं.

आरके सिंह आईएएस होने के बावजूद पुलिसिंग के सुधार को लेकर काफी सक्रिय रहे हैं. यही कारण रहा है कि उन्होंने पुलिस और जेल आधुनिकीकरण और आपदा प्रबंधन के लिए ढांचा तैयार करने के लिए में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया.

आर के सिंह ग्रेजुएट होने के साथ-साथ एलएलबी भी हैं. उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफेन कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में पढ़ाई की है फिर कानून में बैचलर डिग्री हासिल की. वो नीदरलैंड की आरवीबी ड्वेल्फ यूनिवर्सटी से भी पढ़ाई कर चुके हैं.

राजनीति में आने के पहले वे एक कड़क मिजाज व प्रभावशाली आइएएस माने जाते थे. आरके सिंह का ससुराल भोजपुर के बड़हरा ब्लॉक स्थित गजियापुर में है इस कारण उन्होंने आरा लोकसभा और भोजपुर को अपना क्षेत्र बनाया. राजकुमार सिंह को एक बेहतर प्रशासक के रूप में याद किया जाता है. इसके अलावा पुलिस आधुनिकीकरण में उनका उल्‍लेखनीय योगदान रहा है.

(साभार न्यूज 18)

(सौजन्य से अमरेंद्र कुमार)

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