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सुनंदा पुष्कर मौत मामला : होटल के कमरे की सील हटाने का आदेश

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने दिल्ली पुलिस को होटल के कमरे को शुक्रवार से चार हफ्तों के भीतर खोलने का निर्देश दिया

Updated On: Jul 21, 2017 09:18 PM IST

Bhasha

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सुनंदा पुष्कर मौत मामला : होटल के कमरे की सील हटाने का आदेश

दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने सुनंदा पुष्कर मौत मामले में राजधानी के एक फाइव स्टार होटल के उस कमरे की सील हटाने का आदेश दिया, जहां रहस्यमय परिस्थितियों में उनका शव मिला था.

साल 2014 में कांग्रेस नेता शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर दिल्ली के फाइव स्टार होटल के कमरे में रहस्यमयी परिस्थितियों में मृत पाई गई थीं.

शुक्रवार को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पंकज शर्मा ने होटल के कमरे को आज से चार हफ्तों के भीतर खोलने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि होटल को पुलिस की लापरवाही के कारण लगातार परेशानियों का सामना करने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता. हालांकि अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी कमरा खोलने के संबंध में अदालत में अनुपालन रिपोर्ट दायर करने से पहले कमरे का दौरा करने के लिए स्वतंत्र होगी.

पुलिस को जांच के सिलसिले में कमरे के अंदर पड़े सामान को सावधानीपूर्वक उठाने की इजाजत दी गई. अदालत ने कहा कि होटल की तरफ से किसी अपराध का पता नहीं चलता. किसी पुलिस अधिकारी ने बीते एक साल से अधिक समय से इस कमरे का दौरा नहीं किया है.

होटल ने अदालत से कहा था कि कमरा बंद करने से साफ-सफाई संबंधी दिक्कतें पैदा होंगी.

Shashi Tharoor with his wife's body

पुलिस ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट में कहा था कि वह सुनंदा की मौत के कारण के संबंध में अब तक साफ निष्कर्ष तक पहुंचने में नाकाम रही. होटल ने दावा किया कि कमरे को सील किए जाने की वजह से बीते तीन साल में उसे 50 लाख रुपए का नुकसान झेलना पड़ा. होटल के इस कमरे का किराया 55 हजार से 61 हजार रुपए प्रति रात के बीच है.

होटल ने दावा किया कि कई बार पुलिस और फारेंसिक टीमों ने इस कमरे का दौरा किया और उसे अब सील रखने की जरूरत नहीं है. इस कमरे को 17 जनवरी, 2014 को सुनंदा की मौत की जांच के दौरान सील किया गया था.

दिल्ली पुलिस ने एक जनवरी, 2015 को अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत एफआईआर दर्ज की थी.

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