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पठानकोट हमला: एक साल में भी नहीं हुई जांच, संसदीय समिति ने जताई चिंता

भारतीय वायुसेना के पठानकोट स्टेशन पर दो जनवरी 2016 को आतंकवादियों ने हमला किया था

Updated On: Apr 23, 2017 02:29 PM IST

Bhasha

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पठानकोट हमला: एक साल में भी नहीं हुई जांच, संसदीय समिति ने जताई चिंता

संसद की एक समिति ने पिछले वर्ष पठानकोट में वायुसेना स्टेशन पर आतंकवादी हमले के मामले की जांच अभी तक पूरा नहीं होने पर चिंता जताते हुए सरकार से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को निर्देश देकर जांच को तुरंत पूरा करने की सिफारिश की है.

वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की अध्यक्षता वाली गृह मंत्रालय से संबद्ध संसदीय स्थायी समिति ने अपनी एक रिपोर्ट में यह सिफारिश की है. इस रिपोर्ट को हाल में संपन्न संसद के बजट सत्र के दौरान दोनों सदनों के पटल पर रखा गया था.

समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘‘समिति इस तथ्य पर गौर करती है कि पठानकोट हमले को हुए एक वर्ष का समय बीत गया है और एनआईए ने अपनी जांच पूरी नहीं की है. इसके अतिरिक्त ऐसा प्रतीत होता है कि खुफिया एजेंसियों द्वारा पठानकोट, उड़ी, पांपोर, बारामुला और नगरोटा पर हमलों के संबंध में कोई विश्वसनीय और कार्रवाई योग्य जानकारी उपलब्ध कराने के संबंध में कोई विश्लेषण नहीं किया गया है.’’

इसमें कहा गया है, ‘‘समिति महसूस करती है कि इन हमलों ने हमारी खुफिया एजेंसियों की खामियों को उजागर कर दिया है.’’ रिपोर्ट में कहा गया कि समिति ने हाल में सशस्त्र बलों के शिविरों पर हमलों की बढ़ती प्रवृत्ति तथा खुफिया ब्यूरो द्वारा इन हमलों के बारे में जानकारी हासिल न कर पाने के कारणों के बारे में जानना चाहा.

इस पर गृह सचिव ने उत्तर दिया कि केवल गृह मंत्रालय ही खुफिया जानकारी एकत्र करने वाली एकमात्र एजेंसी नहीं है. रक्षा मंत्रालय की भी अपनी सूचना एजेंसी है और दोनों मिलकर खुफिया सूचना एकत्र करते हैं और साझा करने का प्रयास करते हैं.

इसमें कहा गया कि समिति ने यह भी पूछा कि पठानकोट हमले के बाद खुफिया असफलता का विश्लेषण क्यों नहीं किया गया और अतीत की असफलताओं से सबक लेने में सरकार असफल क्यों रही. क्योंकि 2016 के दौरान आतंकवादियों द्वारा लगातार हमले किए गए.

रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘गृह मंत्रालय ने अपने लिखित उत्तरों में यह कहा कि पठानकोट हमले के बाद रक्षा मंत्रालय ने सेना, नौसेना और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल कर एक समिति गठित की. यह देश में रक्षा ठिकानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेगी.’’

इसमें कहा गया, ‘‘इस समिति की रिपोर्ट पर आधारित सुरक्षा अनुदेश जारी कर दिये गये हैं. पठानकोट, उड़ी और नगरकोट हमलों की जांच एनआईए को सौंप दी गयी है.’’ रिपोर्ट के अनुसार ‘‘समिति यह सिफारिश करती है कि मंत्रालय को एनआईए को इन हमलों की जांच को यथा शीघ्र पूरा करने के अनुदेश देने चाहिए ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में खुफिया तंत्र की खामियों को चिन्हित किया जा सके.’’

भारतीय वायुसेना के पठानकोट स्टेशन पर दो जनवरी 2016 को आतंकवादियों ने हमला किया था. इस हमले में चार आतंकवादी मारे गये थे जबकि तीन सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे.

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