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आज से शुरू हो रहा पारसी समुदाय का नया साल, पूरी दुनिया में जश्न की तैयारी

पारसी धर्म ईरान के सबसे प्राचीन धर्मों में से एक है, जो धर्मग्रंथ जन्द अवेस्ता पर आधारित है

Updated On: Aug 17, 2018 02:48 PM IST

FP Staff

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आज से शुरू हो रहा पारसी समुदाय का नया साल, पूरी दुनिया में जश्न की तैयारी

पारसी समुदाय पूरी दुनिया में नए साल का जश्न मनाने की तैयारी कर रहा है. ईरानी कैलेंडर के मुताबिक शुक्रवार को पारसी समुदाय नया साल मनाएगा, इस जश्न को नवरोज भी कहा जाता है.

पारसी धर्म ईरान के सबसे प्राचीन धर्मों में से एक है, जो धर्मग्रंथ जन्द अवेस्ता पर आधारित है. महात्मा जरथुष्ट्र को पारसी धर्म का संस्थापक माना जाता है, इसलिए इसे जरथुष्ट्री धर्म भी कहते हैं.

पारसी समुदाय एक ईश्वर में विश्वास रखते हैं जिसे अहुरा मज्दा या होरमज्द कहा जाता है. पारसी मंदिरों को आतिश बेहराम कहा जाता है और इस धर्म में आग को बहुत पवित्र माना जाता है.

पारसी मुख्य रूप से सात त्योहार मनाते हैं, जिसमें सबसे पहला त्योहार है नवरोज, जोकि आज से शुरू हो रहा है. नवरोज का मतलब पारसियों का नया साल भी होता है. दूसरा त्योहार खोरदादसाल है. इसी तरह जरथुस्त्रनो, गहम्बर्स, फ्रावार देगन, छठा पपेटी भी मनाया जाता है.

पारसी समुदाय का सातवां त्योहार जमशोद नवरोज होता है जोकि पश्चिम-मध्य एशिया, काकेशस, काला सागर और बाल्कन में मनाया जाता है. 21 मार्च के करीब इस त्योहार को मनाया जाता है.

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