S M L

महिलाओं की सुरक्षा के लिए ट्रेन के हर डिब्बे में 'पैनिक बटन' लगाएगा रेलवे

रेल मंत्रालय की योजना महिलाओं के अलग कोच का रंग ट्रेन के अन्य डिब्बों से अलग रंग में पेंट करवाने की है

Updated On: May 13, 2018 05:19 PM IST

Bhasha

0
महिलाओं की सुरक्षा के लिए ट्रेन के हर डिब्बे में 'पैनिक बटन' लगाएगा रेलवे
Loading...

ट्रेनों में महिलाओं के साथ छेड़खानी और उनकी अन्य परेशानियों को निपटाने के लिए रेल मंत्रालय नया कदम उठाने जा रहा है. इसके लिए ट्रेन के हर डिब्बे में एक 'पैनिक बटन' लगाया जाएगा जिसे संकट के वक्त दबाने पर डिब्बे में ही उन्हें तत्काल मदद मिलेगी.

जिन ट्रेनों में महिलाओं के लिए अलग कोच होते हैं उन्हें ट्रेन के अन्य डिब्बों के रंग से अलग रंग में पेंट करवाया जाएगा और उन्हें ट्रेन के बीच में लगाया जाएगा. गौरतलब है कि रेल मंत्रालय साल 2018 को 'वुमेन एंड चाइल्ड सेफ्टी वर्ष' के रूप में मना रहा है.

पूर्वोत्तर रेलवे की पहल

पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने बताया कि ट्रेनों में महिलाओं के साथ छेड़खानी और अन्य तरह की परेशानियां अक्सर होती हैं. इसे देखते हुए रेलवे उनकी सुरक्षा के कदम उठा रहा है ताकि ट्रेनों में वे सुरक्षित सफर कर सकें. इसी कड़ी में पूर्वोत्तर रेलवे ट्रेनों में पैनिक बटन लगाने की योजना पर काम कर रहा है.

उन्होंने बताया कि यह पैनिक बटन दबाते ही ट्रेन के गार्ड को तुरंत पता चल जाएगा कि ट्रेन के किस डिब्बे में महिला परेशानी में है. गार्ड ट्रेन में मौजूद, एस्कॉर्ट करने वाले जवान और टीटीई को वॉकी टॉकी के जरिए बताएगा. जवान तुरंत सभी डिब्बों में जाकर पता करेंगे और जरूरी कार्रवाई करेंगे.

सीपीआरओ यादव ने बताया कि चूंकि साल 2018 को भारतीय रेल 'वुमेन एंड चाइल्ड सेफ्टी वर्ष' के रूप में मना रही है इसलिए इस साल महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए रेलवे की कई नई योजनाओं पर काम हो रहा है. महिला यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए इमरजेंसी में रनिंग स्टाफ को चौकस करने के लिए पैनिक बटन लगाने की कवायद चल रही है.

अलार्म चेन के बगल में लगेगा बटन

यादव ने बताया कि इमरजेंसी में महिला मुसाफिर अलार्म चेन के पास लगे बटन को दबा सकती है. इसमें गार्ड के अलावा कोच के बाहर लगे फ्लैशर पर ऑडियो विजुअल संकेत भी मिलेगा. ट्रेन को एस्कॉर्ट करने वाली टीम भी तत्काल सतर्क हो जाएगी. संकेत के आधार पर टीम पीड़ित यात्री के पास तुरंत पहुंच जाएगी.

उन्होंने बताया कि अभी तक ट्रेन में सफर करने वाली महिलाओं को इमरजेंसी में हेल्पलाइन नंबर या एसएमएस का सहारा लेना पड़ता है या फिर चेन खींचनी पड़ती है. फिर पीड़ित तक पहुंचने में रनिंग स्टाफ को बहुत समय लग जाता है. ऐसे में अपराधी भागने में कामयाब हो जाते हैं लेकिन अब नए सुरक्षा सिस्टम से ऐसा नहीं होगा.

महिला डिब्बों का रंग भी बदलेगा

यादव कहते है कि रेल मंत्रालय की योजना महिलाओं के अलग कोच का रंग ट्रेन के अन्य डिब्बों से अलग रंग में पेंट करवाने की है. इससे अलग से पता चल जाएगा कि यह डिब्बे महिलाओं के हैं और इन डिब्बों को ट्रेन के बीचों बीच रखा जाएगा. ऐसे में किसी प्लेटफार्म पर ट्रेन रुकने पर इमरजेंसी में जरूरतमंद महिला तक तत्काल पहुंचा जा सकेगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि पैनिक बटन वाली योजना इसी साल चालू हो जाएगी.

0
Loading...

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
फिल्म Bazaar और Kaashi का Filmy Postmortem

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi